लाइव सिटीज, लखीसराय: लखीसराय में हुए हादसे के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घटनास्थल का दौरा किया और घायलों व मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हादसे को लेकर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।प्रशांत किशोर ने कहा कि श्रावणी मेले और सावन के सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए पर्याप्त तैयारी नहीं की। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी प्रशासन की ओर से वैसी त्वरित व्यवस्था नहीं दिखी, जैसी होनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी या थाना स्तर के किसी अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनके मुताबिक केवल जांच का आदेश देकर मामले को खानापूर्ति तक सीमित कर दिया गया है।
प्रशांत किशोर ने घायलों को इलाज और सरकारी मदद मिलने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई घायल सरकारी अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण अपने घर या निजी अस्पताल चले गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ घायलों को अब तक सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
मुआवजे को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद चार लाख रुपये का मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह बताना चाहिए कि इतनी बड़ी घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार की गलती का खामियाजा जनता भुगतती है और फिर जनता के ही पैसे से मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। प्रशांत किशोर ने मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और घायलों के इलाज की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
