लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे दो नेताओं को भाजपा ने छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद चुनाव के बीच पार्टी के भीतर बगावत करने वाले नेताओं को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
राहुल सिंह और रमेंद्र राय पर कार्रवाई
भाजपा की कार्रवाई की जद में सारण के राहुल सिंह और सीवान के रमेंद्र राय आए हैं। दोनों सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी ने उनके इस कदम को अनुशासनहीनता मानते हुए छह वर्ष के लिए निलंबित करने का फैसला लिया है।निलंबन से संबंधित आदेश भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार की ओर से जारी किया गया। पार्टी नेतृत्व की इस कार्रवाई को चुनाव के दौरान संगठन के आधिकारिक फैसले के खिलाफ जाने वाले नेताओं के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने से नाराजगी
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए की ओर से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के आनंद पुष्कर उम्मीदवार हैं। गठबंधन ने उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। इसके बावजूद भाजपा से जुड़े दोनों नेताओं के निर्दलीय चुनाव लड़ने से पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा हुई।भाजपा नेतृत्व चाहता है कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गठबंधन के घोषित उम्मीदवारों के समर्थन में काम करें। ऐसे में अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने को संगठन के फैसले की अवहेलना माना गया और दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
