लाइव सिटीज, मुजफ्फरपुर: बिहार में शिक्षकों के सातवें वेतनमान और ट्रांसफर समेत अन्य मांगों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी बीच NDA के एक नेता ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने प्रतिनिधियों से सदन में उनकी समस्याएं उठाने की मांग करें।
उन्होंने कहा कि सातवें वेतनमान की मांग हो या शिक्षकों की दूसरी समस्याएं, इन पर सरकार के स्तर पर पहल की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार में जहां भी बात करनी होगी, वहां प्रयास किया जाएगा।
‘सातवें वेतनमान की मांग NDA सरकार ही पूरी कर सकती है’
शिक्षकों के सातवें वेतनमान की मांग का जिक्र करते हुए नेता ने सवाल किया कि आखिर इस मांग को कौन पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि NDA सरकार ही इन मांगों को पूरा करने की स्थिति में है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे जाति या किसी उम्मीदवार की पहचान के आधार पर फैसला लेने के बजाय यह भी देखें कि उनके हितों के लिए कौन आवाज उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार के साथ संवाद जरूरी है।
नेता ने कहा कि शिक्षकों के प्रतिनिधि जब सदन में खड़े होकर उनकी मांगों को उठाएंगे, तो समस्या के समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। उन्होंने शिक्षकों से अपने जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की अपील की।
75 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर की फाइल तैयार होने का दावा
शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण को लेकर नेता ने कहा कि शिक्षा विभाग में हाल के दिनों में बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 30 से 32 हजार शिक्षकों का ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया है और इस प्रक्रिया में किसी शिक्षक से पैसे नहीं मांगे गए।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 75 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर की फाइल उनके पास तैयार है, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण आदेश जारी नहीं किया जा रहा है।शिक्षा मंत्री के मुताबिक, सरकार ने चुनाव आयोग से इसकी अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आचार संहिता की अवधि समाप्त होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
मुजफ्फरपुर से किशनगंज और कटिहार तक तैनात शिक्षिकाओं का जिक्र
अपने संबोधन में नेता ने उन शिक्षिकाओं की परेशानियों का भी उल्लेख किया, जो अपने गृह जिले से दूर दूसरे जिलों में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की रहने वाली कुछ शिक्षिकाएं किशनगंज और कटिहार जैसे जिलों में तैनात हैं और ट्रांसफर को लेकर उनसे संपर्क करती हैं।
उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर आने वाली शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शिक्षकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मोबाइल से आवेदन, 48 घंटे में समाधान का वादा
शिक्षा विभाग में डिजिटल व्यवस्था को लेकर नेता ने एक नई पहल का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जाएगी, जिसके तहत शिक्षक और शिक्षिकाएं अपने मोबाइल फोन से ही विभिन्न समस्याओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।उन्होंने बताया कि इसमें अवकाश के लिए आवेदन, वेतन संबंधी विसंगतियां और दूसरी प्रशासनिक समस्याएं शामिल होंगी।
नेता ने दावा किया कि ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर समस्या के समाधान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों या विभागीय कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।हालांकि, यह समयसीमा और व्यवस्था से जुड़ा दावा है। इसे लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया और आधिकारिक दिशा-निर्देश सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
नियुक्ति पत्र और लंबित रिजल्ट पर भी दिया बयान
नेता ने नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने दावा किया कि नियुक्ति पत्र वितरण का काम बाकी है और 30 तारीख के बाद इसे पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को परिणाम जारी करने के लिए पत्र लिखने की बात भी कही। उनके अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण को पूरा करने की तैयारी की जा रही है।हालांकि, उपलब्ध बयान में संबंधित भर्ती, पदों की संख्या और नियुक्ति पत्र वितरण की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है।
शिक्षा विभाग में सुधार का दावा
अपने संबोधन में नेता ने कहा कि शिक्षा विभाग में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने ऑनलाइन ट्रांसफर, शिक्षकों की शिकायतों के डिजिटल निपटारे और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को इन प्रयासों का हिस्सा बताया।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार के स्तर पर जरूरी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की मांगों को पूरा कराने में उनके प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
