लाइव सिटीज, पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर लंबे समय से यह सवाल राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के फैसले में नीतीश कुमार की कोई भूमिका थी। अब सम्राट चौधरी ने इस सवाल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भाजपा का मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है।
सम्राट चौधरी के मुताबिक नीतीश कुमार एनडीए के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, लेकिन भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री पद के लिए किस नेता को चुना जाना है, यह पार्टी का आंतरिक फैसला होता है। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय नीतीश कुमार के कहने पर हुआ।
मुख्यमंत्री ने हालांकि नीतीश कुमार के साथ अपने रिश्तों को लेकर सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का उनके ऊपर विशेष आशीर्वाद रहा है और आज भी है। सम्राट चौधरी ने उन्हें पिता तुल्य और अभिभावक जैसा बताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि उनके राजनीतिक गुरु उनके पिता शकुनी चौधरी रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री बनने को लेकर कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके मुताबिक राजनीति में पार्टी ने उन्हें लगातार अलग-अलग जिम्मेदारियां दीं। वह विधायक, विधान पार्षद, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद में नेता की भूमिका निभा चुके हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए भी एक बड़ा राजनीतिक पड़ाव रहा।
नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों पर भी सम्राट चौधरी ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच करीब तीन दशक से राजनीतिक संबंध रहे हैं और इस दौरान रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव आए। कभी राजनीतिक मतभेद रहे तो कई मौकों पर साथ भी काम किया गया।सम्राट चौधरी ने कहा कि जब 2024 में नीतीश कुमार दोबारा एनडीए के साथ आए और भाजपा-जदयू गठबंधन के तहत बिहार के विकास के लिए साथ काम करने का फैसला हुआ, तब उन्होंने भी गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े होने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं रही।
यानी मुख्यमंत्री के बयान का सीधा मतलब यह है कि नीतीश कुमार के साथ उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध जरूर मजबूत रहे हैं, लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का फैसला अपने शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर किया। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के आशीर्वाद और सम्मान की बात कही, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चयन का श्रेय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को दिया।
