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बिहार में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, 543 से अधिक नमूने लिए गए; कई जिलों में एक्सपायर्ड और खराब सामान नष्ट

लाइव सिटीज,पटना: बिहार में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच लगातार जारी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा राज्य के अलग-अलग जिलों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है। 16 सितंबर तक चले इस अभियान में कई जगह एक्सपायर्ड, मिलावटी, संदूषित और खराब खाद्य सामग्री मिली, जिसे नियमानुसार नष्ट कराया गया। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ Improvement Notice, लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा और अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पनीर और मिठाइयों पर कार्रवाई

समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में जांच के दौरान 18 किलो मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ Improvement Notice जारी करने की कार्रवाई की गई। वैशाली और पश्चिम चंपारण में भी खराब पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर में करीब 105 किलो संदूषित पनीर और खराब छेना-मिठाइयां जब्त कर नियमानुसार नष्ट कराई गईं। इन जिलों में खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने का निर्देश दिया गया। खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री को अलग रखने की भी हिदायत दी गई है।

तेल और खाद्य सामग्री की जांच

गयाजी में निरीक्षण के दौरान बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल के उपयोग पर रोक लगाई गई। साथ ही Veg और Non-Veg खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने का निर्देश देते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा की गई। अरवल में खराब तेल नष्ट कराया गया। छपरा और पूर्वी चंपारण में पुराने तथा रात के बचे हुए तेल को नष्ट कराया गया। पटना में भी खराब तेल, रस और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई तथा किचन क्षेत्र की साफ-सफाई सुनिश्चित कराई गई। खाद्य कारोबारियों को तेल और अन्य खाद्य सामग्री के सुरक्षित इस्तेमाल तथा भंडारण के नियमों का पालन करने को कहा गया।

कई जिलों में एक्सपायर्ड सामान नष्ट

सिवान और गोपालगंज में बिना एक्सपायरी डेट वाले सॉस एवं कार्बोनेटेड वाटर के साथ रंग लगी जलेबी और बुनिया नष्ट कराई गई। जहानाबाद और औरंगाबाद में खराब पिज्जा और बेकरी उत्पादों को नष्ट कराया गया तथा खुले में मसालों की बिक्री पर रोक लगाई गई। रोहतास और कैमूर में एक्सपायर्ड पापड़ और खराब बेकरी उत्पाद नष्ट कराए गए। साथ ही कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा खाद्य प्रतिष्ठानों का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सुपौल के बिहरा क्षेत्र में खुले में रखी अस्वच्छ खाद्य सामग्री को हटवाया गया और कारोबारियों को साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया।

FIFO और FEFO का पालन जरूरी

भागलपुर, बांका और कटिहार में खाद्य प्रतिष्ठानों को FIFO और FEFO प्रणाली का कड़ाई से पालन करने तथा कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। छपरा और पूर्वी चंपारण में कारोबारियों को FEFO प्रणाली अपनाने के साथ ग्लव्स और हेयरनेट इस्तेमाल करने को कहा गया। बक्सर और भोजपुर में किचन की नियमित साफ-सफाई और FIFO प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। खाद्य सुरक्षा टीमों ने कारोबारियों को खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं को अलग रखने, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा खाद्य सामग्री को खुले में नहीं रखने का निर्देश दिया।

बिहटा में लिए गए खाद्य नमूने

पटना जिले के बिहटा क्षेत्र के कंचनपुर में खाद्य सामग्री के सेवन से लोगों के प्रभावित होने की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने चावल, आटा, मिर्च पाउडर, पंचफोरन और मसाले के विधिक नमूने यानी Legal Samples लिए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं, पटना भेजा गया है। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

543 से अधिक नमूने संग्रहित

खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 543 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं। इनमें दूध और दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज एवं दाल, मसाले एवं सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेकरी समेत अन्य खाद्य श्रेणियां शामिल हैं। इन नमूनों की जांच के आधार पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की स्थिति का पता लगाया जा रहा है। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कुमार रवि ने दिए सख्त निर्देश

स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्धारित स्वच्छता, हाइजीन, लाइसेंसिंग, सुरक्षित भंडारण, पैकेजिंग, FIFO और FEFO मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी, संदूषित अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री के भंडारण, उपयोग या बिक्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से राज्यभर में निरीक्षण, नमूना संग्रहण, जांच और नियमानुसार विधिक कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

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