लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जारी निर्देश में उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर उपभोक्ताओं को समय पर सेवा नहीं मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों पर प्रतिदिन 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार के इस फैसले का सीधा मकसद बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बिजली कनेक्शन देने में अनावश्यक देरी होती है और आम लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए समय-सीमा तय कर दी है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
नए आदेश के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन अधिकतम 3 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। वहीं अन्य शहरी इलाकों में यह समय सीमा 7 दिन निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार ने 15 दिन का समय तय किया है। यदि इन तय समयसीमाओं का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी को हर दिन 1000 रुपये का आर्थिक दंड भुगतना पड़ेगा।
वहीं, स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के तहत दिन के अलग-अलग समय में बिजली की दरें अलग-अलग होंगी, जिससे उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के अनुसार खर्च नियंत्रित करने का अवसर मिलेगा।
