लाइव सिटीज, पटना: बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने जमुई की घटना का जिक्र करते हुए आरोपियों के खिलाफ उसी तरह की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
‘बच्चियों के साथ ऐसी हरकत चिंता का विषय’
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि जमुई के बाद समस्तीपुर में सामने आई छेड़खानी की घटना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि अगर अपराधी सार्वजनिक तौर पर बच्चियों के साथ इस तरह का व्यवहार करने का दुस्साहस कर रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया। चिराग के मुताबिक, ऐसी घटनाओं पर केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घटना में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सम्राट चौधरी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर की घटना में जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने जमुई मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां मुख्य आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई, उसी तरह समस्तीपुर मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए। चिराग ने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना होना चाहिए।
जमुई कांड का भी किया जिक्र
चिराग का बयान ऐसे समय आया है जब जमुई में नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, जमुई की घटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
इसी कार्रवाई को आधार बनाते हुए चिराग पासवान ने समस्तीपुर मामले में भी इसी तरह की कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अपराधियों के बीच कानून का डर कायम होना जरूरी है।
समस्तीपुर में क्या हुआ था?
समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास एक नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना बताया गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पीड़िता की तत्काल पहचान नहीं हो पाने और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर 24 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों की पहचान कर सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर उनकी गिरफ्तारी की बात कही है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग है और उसकी पहचान को सार्वजनिक करने वाले किसी भी पोस्ट या सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर बढ़ी राजनीतिक बहस
समस्तीपुर की घटना के बाद बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। चिराग पासवान ने जहां कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की ओर से भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
चिराग पासवान का कहना है कि ऐसी घटनाओं में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। उनका जोर इस बात पर है कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान हो और उनके खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई हो जिससे अपराधियों के बीच कानून का भय कायम रहे।
