लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना एक पुराना वीडियो साझा करते हुए कहा कि आरक्षण और संविधान की रक्षा को लेकर उनका स्टैंड पहले भी स्पष्ट था और आज भी वही है।
चिराग पासवान ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जब तक चिराग पासवान जिंदा हैं, तब तक न संविधान को कोई खतरा है और न ही आरक्षण को कोई खतरा है। यह वीडियो उनके पुराने चुनावी संबोधन का है, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आरक्षण और संविधान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में चिराग पासवान कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच से यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि जब तक नरेंद्र मोदी हैं, संविधान और आरक्षण को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान के संघर्षों का जिक्र करते हुए भी आरक्षण और संविधान की रक्षा की बात कही।चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आरक्षण व्यवस्था को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ संगठनों की ओर से जाति आधारित आरक्षण को खत्म करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग उठाई जा रही है।
इससे पहले भी चिराग पासवान आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बता चुके हैं। उन्होंने कहा है कि आरक्षण किसी के कहने से खत्म नहीं हो सकता और यह वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जरूरी है।चिराग पासवान ने अपने पुराने बयानों को दोबारा सामने रखकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि आरक्षण के मुद्दे पर उनका रुख बदला नहीं है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह के बदलाव या समीक्षा का विरोध किया है और इसे संविधान से मिले अधिकार के तौर पर बनाए रखने की बात कही है।
