लाइव सिटीज, कैमूर: कैमूर के रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहूका गांव में 9 सितंबर को आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव को पेट्रोल डालकर आग लगाने की घटना सामने आई थी। गंभीर रूप से झुलसे जवान का इलाज पहले वाराणसी और बाद में लखनऊ में कराया गया। करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 16 सितंबर की रात उनकी मौत हो गई। मामला जमीन के रुपये के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है।
9 सितंबर को सामने आई थी दिल दहला देने वाली घटना
घटना 9 सितंबर 2026 को रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहूका गांव में हुई। शत्रुघ्न यादव सेना में जवान थे और छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। इसी दौरान जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े बकाए रुपये को लेकर उनका कुछ लोगों से विवाद हुआ।
रिपोर्टों के मुताबिक, जवान के करीब 16 लाख रुपये बकाया होने की बात सामने आई थी। इसी रकम को लेकर बातचीत के लिए उन्हें बुलाया गया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और शत्रुघ्न यादव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। घटना में वह बुरी तरह झुलस गए।
जान बचाने के लिए मौके से भागे जवान
आग लगने के बाद जवान ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण इलाज के लिए पहले वाराणसी और बाद में लखनऊ रेफर किया गया।
जवान के बयान और पुलिस की शुरुआती जांच में मामला जमीन के रुपये के लेन-देन से जुड़ा बताया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच इस विवाद को लेकर पहले से रंजिश चल रही थी।
तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने वीरेंद्र यादव, दीपक यादव और ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो में भी आग लगा दी और थाने पहुंच गए थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया।
परिजनों की ओर से मामले में कई लोगों के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस फरार बताए जा रहे आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
लखनऊ मिलिट्री हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
आग से जवान के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया था। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां कई दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका।परिजनों के मुताबिक, शत्रुघ्न यादव ने इलाज के दौरान जिंदगी के लिए काफी संघर्ष किया। आखिरकार 16 सितंबर 2026 की रात उनकी मौत हो गई।
छह साल पहले हुई थी शादी, दो छोटी बेटियां
रिपोर्ट के अनुसार, शत्रुघ्न यादव की शादी करीब छह साल पहले हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की उम्र करीब दो साल बताई गई है, जबकि छोटी बेटी का जन्म घटना से लगभग 20 दिन पहले ही हुआ था। जवान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जमीन के पैसे का विवाद बना मौत की वजह
पूरे मामले का मूल विवाद जमीन के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। जवान द्वारा बकाया रकम मांगे जाने के बाद विवाद बढ़ा और 9 सितंबर को उन पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी वह करीब एक सप्ताह तक इलाज कराते रहे, लेकिन 16 सितंबर की रात उनकी मौत हो गई।
पुलिस अब हत्या के मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
