लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा. पांच दिनों के इस सत्र में विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच बैठकें होंगी.
बुधवार 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के बाद सदन में कई नए चेहरे भी नजर आएंगे. नए विधान पार्षदों को अपने क्षेत्र और मतदाताओं से जुड़े मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा.
शीतकालीन सत्र सोमवार से शुक्रवार तक चलेगा. इस दौरान सरकार विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी. विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. विधेयकों और अन्य सरकारी कामकाज को भी सदन के पटल पर रखा जा सकता है. हालांकि, सत्र की विस्तृत कार्यसूची सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा होगी.
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं. शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कई मौजूदा विधान पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा. वहीं, नए उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. ऐसे में शीतकालीन सत्र नए निर्वाचित सदस्यों के लिए सदन में अपनी बात रखने का पहला मौका हो सकता है. वे अपने मतदाताओं की समस्याओं को उठाकर सरकार से जवाब मांग सकते हैं.
