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जमीन के मामलों में लापरवाही पर 13 अफसरों पर कार्रवाई, नवादा से पटना तक अधिकारी घेरे में

लाइव सिटीज, पटना: बिहार में जमीन से जुड़े सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से अलग-अलग जिलों के 13 अधिकारियों के मामलों में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। इनमें भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी और कानूनगो स्तर के अधिकारी शामिल हैं। मामलों में जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी से लेकर सरकारी काम में लापरवाही तक के आरोप हैं।

नवादा के DCLR पर अदालत में मामला रहते आदेश का आरोप

नवादा सदर के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता गौरव शंकर के मामले में आरोप है कि जिस जमीन से संबंधित मुकदमा अदालत में चल रहा था, उसी दौरान अपीलीय मामले में आदेश पारित किया गया। विभाग ने इस मामले में आरोप पत्र तैयार कर आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा है।

लखीसराय की पूर्व CO पर भी कार्रवाई

लखीसराय की तत्कालीन अंचल अधिकारी सुप्रिया आनंद पर बिना सूचना कार्यालय से अनुपस्थित रहने के साथ दाखिल-खारिज और परिमार्जन से जुड़े काम में अनियमितता के आरोप हैं। जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर भी शिकायत सामने आई थी। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है।

पटना और गया के अधिकारियों पर जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप

फुलवारीशरीफ की तत्कालीन CO चंदन कुमार के मामले में एक जमीन के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक दाखिल-खारिज किए जाने का आरोप है। दोहरी जमाबंदी और ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव से जुड़े आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।वहीं, गया के मानपुर के तत्कालीन CO सुबोध कुमार पर अदालत में जमीन का बंटवारा संबंधी मामला लंबित रहने के दौरान दाखिल-खारिज किए जाने का आरोप लगाया गया है।

दानापुर के पूर्व CO का मामला विधि विभाग तक पहुंचा

दानापुर के तत्कालीन CO चंदन कुमार के खिलाफ दर्ज मामले में अभियोजन की अनुमति से जुड़ा प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा गया है। उन पर जमाबंदी से संबंधित अनियमितता और सरकारी निर्देशों के पालन में कमी समेत कई आरोप हैं।

दूसरे जिलों के अधिकारी भी जांच के दायरे में

पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन के तत्कालीन CO आनंद कुमार से कार्यालय में अनुपस्थिति और काम में लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है। शेखपुरा के सेवानिवृत्त CO ओम प्रकाश पर गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है।बेगूसराय के गढ़पुरा की तत्कालीन CO स्मिता कुमारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। बगहा-2 के तत्कालीन CO निखिल से अभियान बसेरा, आधार सीडिंग और परिमार्जन जैसे कार्यों की प्रगति को लेकर जवाब तलब किया गया है।

मधुबनी के रहिका के तत्कालीन CO राम प्रवेश प्रसाद पर गलत दस्तावेज के आधार पर दाखिल-खारिज करने का आरोप है। दरभंगा के तत्कालीन कानूनगो मोहम्मद शाकिब अलाउद्दीन पर तबादले के बाद नए स्थान पर योगदान नहीं देने का मामला है। खगड़िया के परबत्ता के तत्कालीन CO चंदन कुमार के खिलाफ हाईकोर्ट में समय पर हलफनामा दाखिल नहीं करने को लेकर विभागीय कार्रवाई की गई है।

जांच पूरी होने के बाद तय होगी अंतिम कार्रवाई

विभागीय कार्रवाई में आरोपित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इसलिए इन मामलों में अंतिम दोष तय होने से पहले आरोपों को केवल विभागीय शिकायत या जांच के निष्कर्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच और जवाब की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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