लाइव सिटीज, भागलपुर : बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो दिवंगत शिक्षकों को प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने के आरोप में नोटिस जारी कर दिया गया। जिन शिक्षकों का निधन हो चुका है, उन्हें विभाग की ओर से ट्रेनिंग में अनुपस्थित बताया गया और उनसे जवाब मांगा गया कि वे प्रशिक्षण में क्यों शामिल नहीं हुए।
इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शिक्षकों से जुड़े रिकॉर्ड के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब दोनों शिक्षकों का निधन हो चुका था, तो उनके नाम पर प्रशिक्षण में अनुपस्थिति दर्ज कैसे हुई और नोटिस जारी करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड की जांच क्यों नहीं की गई?
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अनुपस्थित दिखाए गए शिक्षक
मामला भागलपुर जिले का है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, भागलपुर में 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के बाद अनुपस्थित शिक्षकों की सूची तैयार की गई। इसके आधार पर बिहार शिक्षा परियोजना, भागलपुर की ओर से 14 अक्टूबर को संबंधित शिक्षकों को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया गया।
पिछले साल हो चुका था दोनों शिक्षकों का निधन
रिपोर्ट में जिन दो शिक्षकों का जिक्र है, उनमें अमर कुमार और भुवनेश्वर रजक शामिल हैं। दोनों का निधन वर्ष 2025 में हो गया था। इसके बावजूद प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की सूची में उनके नाम शामिल कर दिए गए।
- अमर कुमार: वे प्राथमिक विद्यालय दामोदरपुर में पदस्थापित थे। रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर बीमारी के कारण 6 अप्रैल 2025 को उनका निधन हो गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इसकी सूचना विभाग को पहले ही दे दी गई थी।
- भुवनेश्वर रजक: वे मध्य विद्यालय पैन में कार्यरत थे। उनका निधन 30 सितंबर 2025 को हुआ था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुसार, इस संबंध में प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) को सूचना भेजी गई थी
