लाइव सिटीज, पटना: बिहार में लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने मिलावटी और मानकविहीन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। विभाग की विशेष टीम ने शहर के चार प्रमुख पानी उत्पादन, भंडारण और बिक्री केंद्रों पर अचानक छापेमारी कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। जांच के दौरान नकली ‘बिसलेरी’ ब्रांड के नाम पर बेचे जा रहे पानी के साथ-साथ दूसरे ब्रांडों के नाम से बाजार में उतारे जा रहे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बड़ी खेप पकड़ी गई।
कार्रवाई के दौरान हजारों लीटर संदिग्ध और नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए पैकेज्ड पानी को जब्त किया गया। विभागीय टीम ने जब्त पानी को मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि इसे दोबारा बाजार में बेचकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सके। इस कार्रवाई के बाद पानी के कारोबार से जुड़े दूसरे प्रतिष्ठानों में भी हड़कंप मच गया है।
चार प्रमुख प्रतिष्ठानों पर अचानक पहुंची जांच टीम
खाद्य संरक्षा विभाग की विशेष टीम ने पहले से सूचना दिए बिना पानी के उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़े चार प्रमुख केंद्रों पर छापेमारी की। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि बाजार में बिकने वाले पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का उत्पादन निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं।टीम ने प्रतिष्ठानों में पानी की प्रोसेसिंग व्यवस्था, पैकेजिंग, बोतलों पर लगाए गए लेबल, ब्रांड के नाम, उत्पादन और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा पानी के भंडारण की स्थिति और साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया।
जांच के दौरान कई जगहों पर गंभीर खामियां सामने आईं। खासकर ब्रांडेड कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर पानी बेचने और आवश्यक गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करने से संबंधित गड़बड़ियां अधिकारियों के सामने आईं।
नकली बिसलेरी के नाम पर कारोबार का खुलासा
छापेमारी के दौरान सबसे गंभीर मामला नकली ‘बिसलेरी’ के नाम पर पानी की बिक्री से जुड़ा सामने आया। ब्रांडेड कंपनी के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर पानी बाजार में बेचे जाने की आशंका के बाद अधिकारियों ने संबंधित उत्पादों की जांच की।टीम ने संदिग्ध पैकेज्ड वाटर की खेप को अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही दूसरे ब्रांडों के नाम पर बेचे जा रहे पानी की भी जांच की गई।अधिकारियों की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नकली ब्रांडिंग पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि आम लोगों तक पहुंचने वाला पानी पीने योग्य और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप हो।
लाइसेंस निलंबन और सुधार नोटिस की कार्रवाई
खाद्य संरक्षा विभाग ने छापेमारी के दौरान मिली अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ सुधार नोटिस जारी करने और लाइसेंस निलंबन जैसे कदम उठाए गए हैं।संबंधित कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में पाई गई कमियों को दूर करने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय कार्रवाई के दायरे में उत्पादन से लेकर भंडारण और बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
