लाइव सिटीज, वैशाली: वैशाली जिले के राघोपुर स्थित भगतान टोला में हुए नाव हादसे में 13 बच्चों की जान चली गई. इस घटना से इलाके में तनावपूर्ण और शोक का माहौल है. इस हादसे के पीछे अब स्थानीय पंचायत की राजनीति और प्रशासनिक मिलीभगत की बात सामने आ रही है. 13 बच्चों के दशकर्म कार्यक्रम में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पहुंचे थे. पीके की मौजूदगी में बीजेपी के पूर्व मुखिया गगन यादव और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अजीत यादव के बीच झड़प हुई है, जिसमें अजीत गंभीर रूप से घायल हो गए.
इस घटना में घायल जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव रामपुर श्यामचंद पंचायत से भावी मुखिया प्रत्याशी भी हैं. अजीत यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें प्रशांत किशोर के आने की जानकारी मिली थी. ग्रामीण होने के नाते हम भी वहां गए. संयोग से प्रशांत किशोर ने हमें बैठा लिया. वो हमें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं. उन्होंने हमसे पूछा कि क्या चाहते हैं.
हमने कहा कि 13 मासूम बच्चों की जो मृत्यु हुई है. इसकी असल वजह क्या है. उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. इस नाव की जांच कराई जाए, इतना ही बोला था कि पूर्व मुखिया और बीजेपी नेता गगन राय पिस्टल और 7-8 लोगों के साथ आये हुए थे और मारपीट शुरू कर दी. उनकी मंशा हत्या की थी
उन्होंने आगे कहा, “जिन 13 बच्चों की मौत हुई थी वो मौत नहीं हत्या गगन राय द्वारा कराई गई है. वो ईंट भट्ठा का गड्ढा है जोकि 30-35 फीट है वो वोट के लिए ये हत्वा करवाए हैं. मैनें इसका विरोध किया कि इसकी जांच कराई जाए. इतना कहने पर ही वो लोग भड़क गए और पिस्टल डंडे के साथ बरस पड़े. गगन राय पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए
अजीत राघोपुर स्थित भगतान टोला में 13 बच्चों के दशकर्म कार्यक्रम में पहुंचे थे और प्रशांत किशोर से इस हादसे की जांच की बात की. उनका दावा है कि अवैध नाव संचालन का ठेका कथित तौर पर गगन राय के करीबियों द्वारा किया जाता है. जब अजीत ने हादसे में शामिल लोगों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की तो इससे नाराज होकर गगन के समर्थकों ने उनपर हमला कर दिया. इसका वीडियो भी सामने आया है.
