लाइव सिटीज, पटना: बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. राज्य में शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में दोबारा खोला जाएगा. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को गोपालगंज में आयोजित प्रबुद्ध मतदाता संवाद कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी. आचार संहिता समाप्त होने के बाद पोर्टल फिर से खोला जाएगा, ताकि इच्छुक शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकें. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है.
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पहले चरण में कुल 81,790 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें सरप्लस शिक्षकों से संबंधित 61,123 आवेदन, म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए 9,244 आवेदन और अंतरजिला स्थानांतरण के लिए 11,423 आवेदन शामिल थे. प्राप्त आवेदनों में से अब तक 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में सामान्य स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खोलने की योजना है. इससे उन शिक्षकों को भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जो अपनी जरूरत के अनुसार दूसरे विद्यालय या स्थान पर पदस्थापन चाहते हैं.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और उनके लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. शिक्षकों की मांगों और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
शिक्षा मंत्री ने वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ऐसे संस्थानों के करीब 25 हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के भुगतान के लिए 195 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं.बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
