लाइव सिटीज, वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के बीच मातम पसरा है। हादसे में बच्चों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान कई परिजन उनसे लिपटकर रोने लगे। तेजस्वी यादव ने परिवारों को आर्थिक मदद भी दी और घटना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि उन परिवारों के साथ खड़े होने का है, जिन्होंने अपने बच्चों और अपनों को खोया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हादसे में लापरवाही हुई है और इसकी न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि जो भी अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
‘अगर सरकार चाहती तो हादसा टल सकता था’
पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही की जांच जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार की ओर से उचित व्यवस्था की गई होती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था या नुकसान कम किया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि घटना बेहद दर्दनाक है। जिसने भी हादसे के बाद की स्थिति देखी होगी, वह परिवारों के दुख का अंदाजा लगा सकता है। तेजस्वी ने कहा कि जिन लोगों की गोद सूनी हो गई है, उन्हें इस समय सहारे और हौसले की जरूरत है।
अस्पताल में ऑक्सीजन और डॉक्टरों की कमी का आरोप
तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों से मिली जानकारी का जिक्र करते हुए कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। उनके मुताबिक, अस्पताल में दो-चार अतिरिक्त डॉक्टर और जरूरी दवाएं उपलब्ध होतीं, तो संभव है कि कुछ और बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने का आरोप भी लगाया। तेजस्वी के अनुसार, इस वजह से भी कुछ लोगों की जान जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और घटना में चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक भूमिका की जांच होना बाकी है।
NDRF और SDRF की टीमों के पहुंचने में देरी का आरोप
तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बचाव दलों को जितनी जल्दी मौके पर पहुंचना चाहिए था, वे उतनी जल्दी नहीं पहुंच पाए।
उन्होंने घटना के दौरान राहत और बचाव कार्यों की समयबद्धता की जांच की मांग की। तेजस्वी का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बचाव दलों की त्वरित कार्रवाई और चिकित्सा सुविधाएं लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
राघोपुर में रिंग बांध परियोजना का मुद्दा उठाया
तेजस्वी यादव ने राघोपुर क्षेत्र में बाढ़ और नदी कटाव की समस्या का जिक्र करते हुए रिंग बांध परियोजना को स्थायी समाधान से जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में इस परियोजना के लिए काम शुरू कराने और जमीन की नापी कराने की पहल की गई थी।
उनका आरोप है कि सरकार बदलने के बाद परियोजना का काम रोक दिया गया। उन्होंने विजय कुमार सिन्हा का नाम लेते हुए दावा किया कि उनके कार्यकाल में इस काम को रुकवाया गया था।
तेजस्वी ने कहा कि स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि रिंग बांध बनाया जाए, ताकि नदी के कटाव और बाढ़ की समस्या से राहत मिल सके। उनके मुताबिक, जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इन आरोपों और परियोजना की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध बयान से नहीं होती है।
‘चार लाख रुपये से अतिरिक्त मुआवजा मिले’
पीड़ित परिवारों की आर्थिक सहायता को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार से विशेष पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को सामान्य तौर पर मिलने वाली चार लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त भी आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।
तेजस्वी ने बताया कि कुछ परिवारों ने एक से अधिक बच्चों को खोया है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार के सात बच्चे तो किसी परिवार के छह बच्चे हादसे में चले गए। ऐसे परिवारों के सामने भविष्य और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक सहायता देने से परिवारों की पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। इसलिए सरकार को ऐसी मदद देनी चाहिए, जिससे प्रभावित परिवार भविष्य में भी अपने जीवन को संभाल सकें।
पीड़ित परिवारों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग
तेजस्वी यादव ने मृतकों के परिजनों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उनके मुताबिक, एकमुश्त आर्थिक सहायता कुछ समय तक मदद कर सकती है, लेकिन जमीन मिलने से परिवारों को भविष्य के लिए स्थायी सहारा मिल सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मुआवजे के साथ पुनर्वास और दीर्घकालिक सहायता की व्यवस्था भी की जाए।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मिली थी हादसे की जानकारी
तेजस्वी यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के समय वह दिल्ली में थे, जहां विपक्षी दलों के नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया था।
तेजस्वी के अनुसार, वह खुद भी पीड़ित परिवारों से मिलने आने वाले थे, लेकिन हादसे की गंभीरता को देखते हुए अब मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार से जांच, मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग
तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले में तीन प्रमुख मांगें उठाईं—हादसे की न्यायिक जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को सामान्य मुआवजे से अतिरिक्त आर्थिक सहायता के साथ तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना।
उन्होंने रिंग बांध परियोजना को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में बाढ़ तथा कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की जरूरत पर भी जोर दिया। अब इस मामले में प्रशासन की जांच, राहत व्यवस्था और राज्य सरकार की ओर से आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
