लाइव सिटीज, पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में पांच स्थानों पर एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जबकि नौ आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
इस फैसले का उद्देश्य राज्य के उन क्षेत्रों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है, जहां फिलहाल हवाई यात्रा की सुविधा सीमित है। नए एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट विकसित होने से छोटे शहरों, व्यापारिक केंद्रों और दूरदराज के इलाकों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
इन पांच स्थानों पर विकसित होंगे एयरपोर्ट
कैबिनेट की मंजूरी के तहत किशनगंज, छपरा, उलाव (बेगूसराय), फारबिसगंज (अररिया) और सबेया (गोपालगंज) में हवाई अड्डों को विकसित करने की योजना है। ये पांचों स्थान बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
- किशनगंज: सीमांचल क्षेत्र में स्थित किशनगंज में एयरपोर्ट विकसित होने से आसपास के इलाकों को हवाई सेवा से जोड़ने की संभावना बढ़ेगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिल सकता है।
छपरा (सारण): सारण जिले के छपरा क्षेत्र को भी इस योजना में शामिल किया गया है। यहां हवाई सुविधा विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में आवागमन और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिल सकती है।
- उलाव (बेगूसराय): बेगूसराय के उलाव में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है। औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण इस इलाके में हवाई संपर्क बढ़ने से कारोबार और यात्रियों की आवाजाही को सुविधा मिल सकती है।
फारबिसगंज (अररिया): अररिया जिले के फारबिसगंज में हवाई अड्डे का विकास प्रस्तावित है। सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित इस स्थान पर हवाई सुविधा विकसित होने से आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
- सबेया (गोपालगंज): गोपालगंज जिले के सबेया में भी एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा। इससे पश्चिमी बिहार के इस क्षेत्र और आसपास के इलाकों को हवाई संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
नौ आकांक्षी जिलों में बनेंगे हेलीपोर्ट
एयरपोर्ट के अलावा राज्य सरकार ने नौ आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी को शामिल किया गया है।हेलीपोर्ट ऐसी निर्धारित हवाई सुविधा होती है, जहां हेलीकॉप्टर उतर और उड़ान भर सकते हैं। यह सामान्य हवाई अड्डे से अलग होता है। इसका उपयोग हेलीकॉप्टर आधारित यातायात, आपातकालीन सेवाओं और जरूरत के अनुसार क्षेत्रीय हवाई संपर्क के लिए किया जा सकता है।
