लाइव सिटीज, पटना: त्योहारों के मौसम में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना में मिठाई बनाने वाली इकाइयों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। इस दौरान कई जगह एक्सपायरी खाद्य सामग्री, साफ-सफाई में कमी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन में खामियां सामने आई हैं। इसके बाद विभाग ने कहीं लाइसेंस निलंबित किया, तो कहीं लाइसेंस रद्द कर दिया। कुछ प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई, जबकि अन्य को सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में बुद्धा कॉलोनी स्थित कोजी स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित किया गया है। इसी इलाके के स्वीट होम कारखाने का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। हरि लाल वेंचर्स को भी साफ-सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार के लिए नोटिस दिया गया है। वहीं, पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीकानेर कारखाने में जांच के दौरान वेफर्स के पैकेट मिले, जिन्हें नष्ट कराया गया।
बुद्धा कॉलोनी स्थित मेसर्स कोजी स्वीट्स के कारखाने में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने के बाद खाद्य संरक्षा विभाग ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। विभाग ने संचालक से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।जांच के दौरान गुड़ और चमचम मिठाई के नमूने भी लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। नमूनों की रिपोर्ट और संचालक के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
बुद्धा कॉलोनी स्थित मेसर्स स्वीट होम के कारखाने में जांच के दौरान एक्सपायरी बेसन, मैदा और आटा पाया गया। विभाग ने करीब 18,335 रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त की। इसमें 70 किलोग्राम एक्सपायरी बेसन शामिल था, जिसकी कीमत लगभग 6,300 रुपये बताई गई। इस बेसन को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।कारखाने से पनीर, खोवा, मैदा और आटा के चार नमूने भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द कर दिया।
बुद्धा कॉलोनी में ही स्थित एक अन्य इकाई, मेसर्स स्वीट होम कन्फेक्शनरी में एक्सपायरी कस्टर्ड पाउडर, फ्लेवर से जुड़ी सामग्री और बेकिंग पाउडर मिले। विभाग ने इन सामग्रियों को जब्त कर नष्ट कराया।यहां से आटा, बेसन, शुगर-फ्री लिक्विड और काजू-कोकोनट बिस्किट सहित पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए। इस इकाई का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। जांच में सामने आई कमियों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
