लाइव सिटीज, पटना: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 अक्टूबर को अस्पताल के नए भवन में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का उद्घाटन किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को पर्ची कटवाने के दौरान होने वाली परेशानी से राहत देना और अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है।
पीएमसीएच में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में रजिस्ट्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ाने और उन्हें व्यवस्थित स्थान पर संचालित करने से मरीजों तथा उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
15 काउंटरों पर होगी ओपीडी की पर्ची
अस्पताल में पहले ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए 10 काउंटर थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है। नए भवन के पहले तल पर इन काउंटरों की व्यवस्था की गई है। मरीज यहां पर्ची बनवाने के बाद तीसरे तल पर स्थित ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
नई व्यवस्था की प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- 15 रजिस्ट्रेशन काउंटर: पहले के मुकाबले पांच काउंटर बढ़ाए गए हैं।
- एसी युक्त परिसर: पर्ची बनवाने के लिए इंतजार करने वाले मरीजों को मौसम की परेशानी से राहत देने की व्यवस्था है।
- बैठने की सुविधा: मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है।
- महिलाओं के लिए अलग काउंटर: तीन काउंटर महिलाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।
- बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुविधा: एक काउंटर इनके लिए आरक्षित रखा गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पीएमसीएच की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में सुधार से मरीजों का समय बचाने में मदद मिल सकती है।
कितने बेड का उद्घाटन किया गया?
पीएमसीएच में बेड की संख्या को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। 12 अक्टूबर 2026 के कार्यक्रम में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए भवन में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 2,500 बेड वाले अस्पताल का उद्घाटन होने की पुष्टि नहीं होती है।
पीएमसीएच के नए ट्विन टावरों में 1,117 बेड वाले अस्पताल का उद्घाटन 3 मई 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। वहीं, अस्पताल की पुनर्विकास परियोजना पूरी होने पर इसकी कुल क्षमता 5,462 बेड करने की योजना है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है।
इसलिए 2,500 बेड को लेकर प्रकाशित शीर्षक को आज के उद्घाटन की संख्या मानना सही नहीं होगा। अस्पताल की कुल प्रस्तावित क्षमता और किसी एक कार्यक्रम में उद्घाटित बेड की संख्या अलग-अलग बातें हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा पीएमसीएच
पीएमसीएच के पुनर्विकास का उद्देश्य अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस करना है। परियोजना के तहत नए भवनों का निर्माण, विभिन्न विभागों को स्थानांतरित करना और मरीजों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था करना शामिल है।
अस्पताल परिसर को जेपी गंगा पथ से जोड़ा गया है, जिससे एंबुलेंस और दूसरे वाहनों की आवाजाही में सुविधा मिल सके। अशोक राजपथ पर बन रहे डबल डेकर रोड से भी पीएमसीएच को जोड़ने की योजना है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, नए अस्पताल भवन में गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत पर एयर एंबुलेंस उतारने की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
पीएमसीएच के पुनर्विकास से संबंधित पहले के सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्पताल को विश्वस्तरीय चिकित्सा केंद्र बनाने और निर्माण कार्य समय पर पूरा करने पर जोर दिया था। परियोजना का लक्ष्य मरीजों को आधुनिक तकनीक से बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो।हालांकि, 12 अक्टूबर को रजिस्ट्रेशन काउंटर के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विस्तृत बयान का सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके नाम से कोई अतिरिक्त बयान देना उचित नहीं होगा।
मरीजों को क्या फायदा होगा?
नई रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू होने से मरीजों को ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक काउंटर उपलब्ध होंगे। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग व्यवस्था होने से उन्हें भी सहूलियत मिल सकती है।
पीएमसीएच में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का लाभ तभी पूरी तरह मिलेगा, जब नए भवनों के साथ डॉक्टरों, नर्सों, जांच सुविधाओं और अन्य जरूरी सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित हो। अस्पताल की बढ़ती क्षमता के अनुरूप इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
