लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता राशि का भुगतान शुरू कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 1.60 लाख परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रह अनुदान की राशि भेजी। इस मद में कुल 112.14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस सहायता से बाढ़ के कारण परेशान परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी।
1.60 लाख परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
बाढ़ के कारण कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता प्रभावित परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। सरकार ने अनुग्रह अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने का फैसला किया है, ताकि लोगों को सहायता प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस चरण में 1.60 लाख परिवारों को लाभ दिया गया है। प्रत्येक परिवार को 7,000 रुपये की सहायता राशि दी गई है। यह रकम बाढ़ से प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराई गई है।
DBT के जरिए खातों में भेजी गई राशि
सरकार ने सहायता राशि के भुगतान के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का इस्तेमाल किया है। इस व्यवस्था के तहत अनुदान की रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और पात्र परिवारों तक आर्थिक मदद पहुंचाने में सहायता मिलती है।इस कार्यक्रम के दौरान कुल 112.14 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इस राशि के वितरण से संबंधित अन्य मदों का अलग-अलग ब्योरा नहीं दिया गया है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने की कोशिश
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ के दौरान घरों, घरेलू सामान और आजीविका पर असर पड़ता है। प्रभावित परिवारों को भोजन, कपड़े और दूसरी जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए कुछ राहत लेकर आती है।राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल आर्थिक परेशानियों को कम करना है। अनुग्रह अनुदान के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
