लाइव सिटीज, पटना: बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले पटना स्नातक सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रहा विवाद अब पार्टी के शीर्ष स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू के मौजूदा एमएलसी एवं पटना स्नातक सीट से एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच जारी तनातनी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात की।
जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार ललन सिंह के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में वास्तव में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अनंत सिंह-नीरज विवाद बना चर्चा का केंद्र
पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में है। नीरज कुमार इस सीट से एनडीए के उम्मीदवार हैं, जबकि अनंत सिंह ने खुले तौर पर उनके खिलाफ रुख अपनाते हुए जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
अनंत सिंह के इस रुख से जेडीयू के सामने असहज स्थिति पैदा हुई है, क्योंकि वह खुद पार्टी के विधायक हैं और दूसरी ओर पार्टी ने नीरज कुमार को इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया है।
ललन सिंह को दी गई थी मामले को देखने की जिम्मेदारी
इस विवाद के बीच जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए ललन सिंह को अधिकृत किया गया है। हालांकि, इसके बाद ललन सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह किसी के झगड़े में नहीं पड़ते और दोनों पक्ष तैयार हों तो बातचीत के जरिए समझौता कराया जा सकता है।
अब इसी घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार का ललन सिंह से मिलना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पटना स्नातक सीट को लेकर पार्टी के भीतर बनी स्थिति और अनंत सिंह के रुख पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई होगी। हालांकि, यह बात अभी सूत्रों के हवाले से ही है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार मनाते तो मान जाते
इससे पहले अनंत सिंह ने कहा था कि अगर नीतीश कुमार उनसे बात कर उन्हें मनाते तो वह मान जाते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि ललन सिंह की ओर से उनसे कोई बातचीत नहीं की गई।
वहीं, नीरज कुमार लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि उनका भरोसा पार्टी और नीतीश कुमार के नेतृत्व पर है। सोमवार को नामांकन से पहले उन्होंने कहा कि पार्टी में शक्ति का केंद्र नीतीश कुमार हैं और उनका आशीर्वाद ही उनके लिए पर्याप्त है।
