लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में हालात चिंताजनक हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
गंडक नदी कई स्थानों पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है। हालांकि नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन पानी घटने की रफ्तार काफी धीमी है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है।
बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत
बिहार में बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत की सूचना है। शुक्रवार को आठ जिलों में अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान गई। इनमें दो सगी बहनें भी शामिल हैं। सबसे अधिक मौतें पूर्वी चंपारण जिले में हुई हैं, जहां आठ लोगों की जान चली गई। वहीं सारण में बाढ़ के पानी में डूबने से चार लोगों की मौत हुई है।
सारण में तटबंध टूटने से कई इलाकों में फैला पानी
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सारण के पानापुर और मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्त तटबंधों के कारण बाढ़ का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है। पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर और परसा होते हुए आगे बढ़ रहा है।विभाग के मुताबिक, बाढ़ का यह पानी आगे दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में जमा होगा। इससे आसपास के इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का संकट बना हुआ है।
इसी तरह, पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से गंडक का पानी हरपुरवा होकर चंद्रावत में गिरने से बेतिया, बैरिया और नौतन में पानी फैल रहा है। शुक्रवार को पइन काटने के बाद तेज बहाव में बघमम्बरपुर के नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई, जिससे पुजहा-बेतिया मार्ग और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया। बैरिया-नौतन में सैकड़ों एकड़ फसल डूबी है और फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोग प्रभावित हैं।
पूर्वी चंपारण के नवादा में दो फीट तथा केसरिया के मझरिया, कढान समेत तीन गांवों में पांच फीट पानी है। मुजफ्फरपुर में गंडक रेवा घाट पर 56 सेमी ऊपर, जबकि बूढ़ी गंडक कांटी में खतरे के निशान से 1.05 मीटर ऊपर है। समस्तीपुर में गंगा सरारी में 45.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है और मोहिउद्दीननगर के कई गांवों व विद्यालयों में पानी पहुंच गया है
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सारण जिले में अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भेजी जा रही हैं। सारण में पहले से एनडीआरएफ की पांच तथा एसडीआरएफ की तीन टीम तैनात हैं। स्थिति की भयावहता को देखते हुए बेतिया से एनडीआरएफ की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें सारण भेजी गई हैं। इस प्रकार सारण में एनडीआरएफ की कुल 12 तथा एसडीआरएफ की सात टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
