लाइव सिटीज, गोपालगंज: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच गोपालगंज से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिले के बैकुंठपुर इलाके में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है।
तटबंध टूटने के बाद विभाग ने लिया एक्शन
बैकुंठपुर में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के इलाकों में फैल गया था। इससे कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। घटना के बाद जल संसाधन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, तटबंध टूटने के करीब 11 घंटे के भीतर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया। विभाग ने उनकी जगह पुराने इंजीनियर को दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी है।
तटबंध टूटने की होगी जांच
सरकार ने शीतलपुर तटबंध टूटने की घटना की जांच कराने की बात भी कही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि तटबंध टूटने की वजह क्या रही और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है।
गंडक का जलस्तर घटा, लेकिन मुश्किलें बरकरार
इधर, गंडक नदी के जलस्तर में अब कमी आने लगी है। पानी करीब एक मीटर नीचे आया है, जिससे प्रशासन को कुछ राहत की उम्मीद है। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं।
कई जगहों पर अब भी पानी जमा है और लोगों को आवागमन समेत रोजमर्रा की जरूरतों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की जरूरत बनी हुई है।बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है। वहीं, शीतलपुर तटबंध टूटने के मामले में सरकार की जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
