लाइव सिटीज, जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ सरेआम बदसलूकी और छेड़खानी की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी मामले पर मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगने की घटना का समर्थन किया। अनंत सिंह ने कहा कि इस तरह की हरकत करने वालों के साथ सख्ती होनी चाहिए।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे जमुई की घटना और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। अनंत सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति इस तरह का अपराध करता है, उसे उसी दिन सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने ऐसे अपराध करने वालों को ‘राक्षस’ बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जहां भी पाया जाए, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘जो ऐसा करता है, उसे एक दिन में मार दें’
अनंत सिंह ने कहा कि इस तरह की दरिंदगी करने वाले लोगों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो ऐसा करता है, उसे एक दिन में मार देना चाहिए। उन्होंने दुष्कर्म जैसे अपराधों के आरोपियों को लेकर भी इसी तरह की कठोर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
आरोपी के पैर में गोली लगने की कार्रवाई को बताया जरूरी
जमुई मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगने और गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछे जाने पर अनंत सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जो कार्रवाई की, वह ऐसे मामले में आवश्यक थी। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथ मौजूद हरेराम यादव को भी पकड़ा गया। इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
‘सम्राट चौधरी क्या कर सकते हैं?’
अनंत सिंह ने जमुई की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए हर जगह मौजूद नहीं रह सकते। सरकार का काम घटना सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन के जरिए कार्रवाई करना है।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि सरकार हर व्यक्ति पर कितनी सुरक्षा ड्यूटी लगा सकती है? उनके मुताबिक, घटना होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ा गया।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
अनंत सिंह ने इस मामले में अपराधी की पहचान को जाति से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और किसी भी जाति में अपराधी हो सकता है। उनका कहना था कि अपराध करने वाले व्यक्ति को उसके अपराध के आधार पर देखा जाना चाहिए।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
जमुई जिले के मड़वा पहाड़ी क्षेत्र के पास एक नाबालिग छात्रा अपने एक सहपाठी के साथ लौट रही थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने दोनों को घेर लिया। आरोप है कि भीड़ में शामिल युवकों ने छात्रा के साथ बदसलूकी और छेड़खानी की। विरोध करने पर उसके साथ मौजूद छात्र के साथ भी मारपीट की गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथी हरेराम यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें नंदन यादव के पैर में गोली लगी।
