लाइव सिटीज, औरंगाबाद: जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के सिंहुड़ी गांव में चीख-पुकार मच गई. तेज आवाज सुनकर ग्रामीण घर से बाहर निकले तो देखा कि कन्हाई विश्वकर्मा का मिट्टी का मकान धराशायी हो गया है. उसके मलबे में पूरा परिवार दबा हुआ है.ग्रामीण मदद के लिए तुरंत कन्हाई विश्वकर्मा के घर की ओर दौड़े. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए. इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया.
काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी पांच लोगों को बाहर निकाला गया. इस दौरान कन्हाई विश्वकर्मा की 12 वर्षीय पुत्री को बचाया नहीं जा सका और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. जबकि मां और तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए.
मृतका की पहचान बबली कुमारी के रूप में हुई. घायलों में उसकी मां पूनम देवी के अलावा नंदनी कुमारी, रिमी कुमारी और कुंदन कुमार शामिल हैं. ग्रामीण मलबे से बाहर निकाले गए सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने बबली को मृत घोषित कर दिया.
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. फिलहाल मां और तीनों घायल बच्चों का इलाज जारी है. घटना के बाद सिंहुड़ी गांव में मातम पसरा हुआ है. अचानक हुए इस हादसे से ग्रामीण भी गहरे सदमे में हैं.
