लाइव सिटीज, अररिया: अररिया सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद यहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले ने अस्पताल की व्यवस्था को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने के साथ ड्यूटी पर तैनात नर्स और आशा कार्यकर्ता पर तीन हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया।
मिली जानकारी के अनुसार, रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के गुणवती पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी दिलीप कुमार राय की 26 वर्षीय बेटी अंजलि देवी को प्रसव पीड़ा के बाद 26 अगस्त को अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।। परिजनों के मुताबिक, इससे करीब आठ दिन पहले भी अंजलि की सदर अस्पताल में जांच कराई गई थी।
मृतका के पिता दिलीप कुमार राय का आरोप है कि जांच के दौरान आशा कार्यकर्ता और वहां मौजूद नर्सों ने रिपोर्ट सामान्य होने की बात कही थी। इसी दौरान ऑपरेशन के लिए कथित तौर पर तीन हजार रुपये की मांग की गई थी।
परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया और बाद में महिला को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद अंजलि की समुचित निगरानी नहीं की गई। उनका कहना है कि न तो कोई डॉक्टर उसे देखने पहुंचा और न ही नर्सों ने उसकी स्थिति पर पर्याप्त ध्यान दिया।
इसी बीच नवजात की तबीयत भी बिगड़ने लगी। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज कराया।महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध पीकू वार्ड, एसएनसीयू समेत अन्य सुविधाओं के बावजूद गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने की स्थिति पर सवाल उठाए।
