लाइव सिटीज, पटना: गृह विभाग द्वारा गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस कॉफ्रेंस में बिहार के अलावा झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, जल्द अमीर बनने की चाहत लोगों की जिंदगी बिगाड़ रही है. इस कारण शराब और अपराध जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से लापता बच्चों और लोगों से जुड़े मामलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया सवेरा 1.0′ और ‘नया सवेरा 2.0’ के बाद अब ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान के माध्यम से मानव तस्करी की रोकथाम, जागरूकता, बचाव और पुनर्वास के प्रयासों को और व्यापक बनाया जा रहा है. इसके तहत राज्य में 1200 से अधिक लापता बच्चों की बरामदगी हो चुकी है.
शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं. अब तक छह लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 5.50 लाख से अधिक मामलों का निष्पादन कराया जा चुका है. अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री स्तर पर भी मामलों की सुनवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का आर्थिक सशक्तीकरण होगा. इससे मजबूरी में होने वाले पलायन को भी कम किया जा सकेगा. राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं. सरकार का प्रयास है कि बिहार में ही रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध हों. ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि की ओर लौटने’ का वातावरण तैयार किया जा रहा है
