लाइव सिटीज, पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगी। निर्णय लिया गया कि समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका के 22,000 पदों पर बहाली की जाएगी।
इसके अलावा अमृत 2.0 मिशन के तहत दो शहरी जलापूर्ति परियोजनाओं, बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनर्जीवन, दो बड़े पुलों के निर्माण तथा वेजफेड को मजबूत करने सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट ने आईसीडीएस के तहत समेकित बाल विकास सेवाएं अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन (संशोधन) मार्गदर्शिका-2026 को स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत राज्य में लगभग 22 हजार पदों पर नई बहाली का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा महिलाओं और बच्चों तक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
बैठक में अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत लखीसराय और किशनगंज जलापूर्ति परियोजनाओं को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। लखीसराय जलापूर्ति योजना के लिए 150.96 करोड़ रुपए तथा किशनगंज जलापूर्ति योजना के लिए 53.71 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। साथ ही दोनों शहरों में शहरी आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी और भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। मंत्रिमंडल ने मिथिलांचल के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना तथा गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
