लाइव सिटीज, बक्सर: बक्सर की पुण्यभूमि, आज अपने सनातन गौरव की पुनर्स्थापना की दिशा में एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। विश्वामित्र सेना के बैनर तले राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे के नेतृत्व में लंबे समय से भगवान वामन अवतार को जेल परिषद से मुक्त कराने के लिए निरंतर संघर्ष किया जा रहा था। इस विषय को लेकर अनेक धार्मिक, सामाजिक एवं सनातनी मंचों से आवाज उठाई गई, ताकि श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान का श्रद्धापूर्वक दर्शन कर सकें।
विश्वामित्र सेना की लगातार उठाई गई मांगों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार द्वारा पूर्व में यह घोषणा की गई थी कि शीघ्र ही वामन अवतार जी को जेल परिषद से मुक्त किया जाएगा। अब आगामी 23 मई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में वामन अवतार की मुक्ति की खबरों से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आनंद का वातावरण व्याप्त है। यह संघर्ष आसान नहीं था। सनातन आस्था और बक्सर की आध्यात्मिक पहचान को पुनर्जीवित करने की इस यात्रा में अनेक चुनौतियों और बाधाओं का सामना करना पड़ा, किंतु विश्वामित्र सेना अपने संकल्प से कभी पीछे नहीं हटी। आज उसी अटूट संघर्ष और समर्पण का परिणाम है कि वामन अवतार जी की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा, यह केवल भगवान वामन अवतार की मुक्ति नहीं, बल्कि बक्सर की सनातन चेतना और सांस्कृतिक अस्मिता की पुनर्स्थापना है। वर्षों से हमारी आस्था बंधनों में जकड़ी हुई थी। विश्वामित्र सेना ने संकल्प लिया था कि सनातन संस्कृति, श्रद्धालुओं की आस्था और बक्सर के गौरव की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। आज यह ऐतिहासिक क्षण समस्त सनातन समाज की विजय का प्रतीक है। आने वाले समय में बक्सर को उसकी प्राचीन आध्यात्मिक पहचान दिलाने का अभियान और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
