लाइव सिटीज, पटना: पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज किया गया. इस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हो गए हैं. अभ्यर्थी TRE 4 के विज्ञापन में देरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने लाठी चलायी. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहार लोक सेवा आयोग 13 लाख अभ्यर्थियों को गुमराह करने का काम कर रहा है.
गौरतलब है कि बिहार में टीआरई-4 में 46, 882 पदों पर भर्ती होना है. माध्यमिक स्कूलों में 9,082, उच्च माध्यमिक में 16,774 प्राथमिक में 10, 778 और मध्य विद्यालय में 8, 583 समेत अन्य विभागों में बहाली होना है. इसको लेकर 22 से 27 सितंबर तक परीक्षा होने की संभावना है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि अभी तक आयोग के द्वारा विज्ञापन जारी नहीं किया गया.
जानकारी के अनुसार अभ्यर्थी पटना साइंस कॉलेज होते हुए जेपी गोलंबर पहुंच गए. यहां से बीपीएससी कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज किया. इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया.
हिरासत में जाने से पहले छात्र नेता दिलीप ने कहा कि बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली (TRE-4) को लेकर इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का धैर्य अब टूट गया है. दो वर्षों से अधिक समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. पहले चौथे चरण की वैकेंसी के नाम पर शिक्षा विभाग ने लंबे समय तक गुमराह किया. बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक ने कहा था कि 25 अप्रैल तक नोटिफिकेशन आ जाएगा. लेकिन यह डेडलाइन बीत चुका है.
अभ्यर्थियों के आंदोलन पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि आज वह पदभार ग्रहण कर रहे हैं. अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं, उनके पूर्व का निर्धारित कार्यक्रम रहा होगा. वह आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से अपील करेंगे कि उनके प्रतिनिधिमंडल उनके पास मिलने आएं. वह संवाद से हर विवाद का समाधान निकालने पर विश्वास करते हैं. वह खुद एक शिक्षक भी रहे हैं, इसलिए छात्रों की समस्याओं को समझ सकते हैं. कहा कि तुरंत समाधान होगा.
