लाइव सिटीज, दिल्ली: एमएमसड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना उसकी जिंदगी बचाने में सबसे अहम साबित हो सकता है। इसी उद्देश्य के साथ ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’ राघवेंद्र कुमार की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सामने ‘संजीवनी बूटी मिशन’ का प्रस्ताव रखा है। मिशन के तहत एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना होने की स्थिति में हेलीकॉप्टर के जरिए घायल को कम से कम समय में अस्पताल पहुंचाने की योजना है। खास बात यह है कि इस सुविधा को प्रत्येक वाहन से टोल के साथ सिर्फ एक रुपये के योगदान के मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है।
यमुना प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन
हेलमेट मैन की टीम ने इस संबंध में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी आईएएस शैलेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर पूरी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने इस पहल को सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शैलेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के बाद भी सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी मदद के लिए लगातार कॉल आती रही हैं। कई मामलों में अधिकारी चाहकर भी समय पर सहायता नहीं पहुंचा पाते। उन्होंने बताया कि विभाग ने भी सड़क हादसों में कई प्रतिभाशाली अधिकारियों और इंजीनियरों को खोया है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त लोगों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाला कोई प्रभावी मॉडल बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।उन्होंने ‘संजीवनी बूटी मिशन’ को भविष्य में उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे एक्सप्रेसवे के लिए भी एक उपयोगी मॉडल बनने की संभावना जताई।
सड़क हादसों को बताया ‘अदृश्य युद्ध’
हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं को एक तरह का ‘अदृश्य युद्ध’ बताते हुए कहा कि इस लड़ाई में सबसे जरूरी है घायल व्यक्ति तक समय पर पहुंचना। उनका कहना है कि मिशन के लिए सरकार से आर्थिक मदद की मांग नहीं की जा रही है। टीम की प्राथमिक मांग अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने की है।
उनके मुताबिक, अगर हादसे के बाद घायल को कुछ ही मिनटों में अस्पताल पहुंचाया जा सके तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
25 साल के एविएशन अनुभव वाली टीम ने समझाई पूरी तकनीकी व्यवस्था
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने एविएशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी डॉ. नवनीत ने प्रस्तुत की। एविएशन क्षेत्र में करीब 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत ने भारत समेत विभिन्न देशों में कठिन परिस्थितियों के दौरान 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान देने की जानकारी दी।
मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता EMSOS Pvt. Ltd. की ओर से लीज मॉडल पर किए जाने की योजना है। वहीं, हेलीपैड और डीजीसीए से संबंधित ग्राउंड स्तर की तैयारियों की जिम्मेदारी भारतीय सेना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके कर्नल मोहित गौण की टीम संभालेगी।
हर वाहन से सिर्फ ₹1 के मॉडल पर प्रस्ताव
‘संजीवनी बूटी मिशन’ की सबसे खास बात इसका कम लागत वाला मॉडल है। टीम की योजना है कि यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन से टोल के साथ ₹1 का योगदान लेकर इस आपातकालीन हेलीकॉप्टर सेवा को संचालित किया जाए।
इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को आपात स्थिति में समान रूप से एयर रेस्क्यू सुविधा मिल सके।
एक्सप्रेसवे पर चिन्हित स्थानों से होगा रेस्क्यू
मिशन के तहत डीपीआर में चिन्हित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्था विकसित करने की योजना है। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद हेलीकॉप्टर को घटनास्थल के नजदीक पहुंचाकर घायल को तेजी से अस्पताल ले जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
टीम का मानना है कि सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में लगने वाला समय कई गंभीर मामलों में मरीज की स्थिति को और बिगाड़ सकता है। ऐसे में एयर रेस्क्यू सिस्टम ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का दावा
टीम की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव में इस व्यवस्था को सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना संचालित करने की बात कही गई है। इसके लिए हेलीकॉप्टर, ग्राउंड ऑपरेशन, हेलीपैड और रेस्क्यू सिस्टम से जुड़ी व्यवस्थाओं का एक समन्वित मॉडल तैयार किया गया है।
राघवेंद्र कुमार का कहना है कि सड़क पर हादसा होने के बाद हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। यदि जरूरत के समय हेलीकॉप्टर घटनास्थल तक पहुंच सके और घायल को तत्काल अस्पताल ले जाया जाए, तो गंभीर दुर्घटनाओं में जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है।
सेना से एक्सप्रेसवे तक सुरक्षा की मुहिम
कर्नल मोहित गौण ने कहा कि जिस तरह देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं, उसी तरह अब सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ भी प्रभावी लड़ाई की जरूरत है। यमुना एक्सप्रेसवे पर महज एक रुपये के मॉडल से आम लोगों को हेलीकॉप्टर रेस्क्यू सुविधा देने की पहल को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
