HomeBiharमल्लिकार्जुन खरगे के पत्र पर भड़का चुनाव आयोग : आरोपों को खारिज...

मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र पर भड़का चुनाव आयोग : आरोपों को खारिज कर दे दी यह नसीहत

लाइव सिटीज, पटना: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कड़े शब्दों में लिखे पत्र में चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर सवाल उठाने वाले उनके हालिया बयान पर गहरी चिंता व्यक्त की। लोकसभा चुनाव 2024 पर सवाल उठाने को लेकर चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को फटकार लगाई है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का मतदान प्रतिशत आंकड़े पर विपक्षी नेताओं को लिखा गया पत्र पूर्वाग्रहपूर्ण विमर्श को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

मतदान प्रतिशत आंकड़े को लेकर अपने सहयोगी दलों को खरगे द्वारा लिखे गए पत्र पर निर्वाचन आयोग ने कहा कि कांग्रेस के अतीत, वर्तमान के गैर-जिम्मेदाराना बयान परेशान करने वाले हैं। निर्वाचन आयोग ने कुप्रबंधन, मतदान प्रतिशत का आंकड़ा जारी करने में देरी संबंधी खरगे के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार और बिना तथ्य वाला बताया।

पांच पन्नों के जवाब में निर्वाचन आयोग ने मतदान आंकड़ा जारी करने में कुप्रबंधन और देरी के आरोपों को खारिज कर दिया तथा खरगे के आरोपों को “अनुचित”, “तथ्यहीन” और “भ्रम फैलाने के पक्षपातपूर्ण और जानबूझकर किए गए प्रयास को प्रतिबिंबित करने वाला” करार दिया। आयोग ने खरगे के उस बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने आश्चर्य जताया था कि क्या मतदान प्रतिशत आंकड़ा जारी करने में देरी “अंतिम परिणामों में हेरफेर करने का प्रयास” है।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसे मौजूदा चुनावी प्रक्रिया के बीच में सार्वजनिक रूप से जारी किया गया खरगे का पत्र “बेहद अवांछनीय” लगा और इसे सुचारू, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के संचालन में भ्रम, गलत दिशा और बाधा पैदा करने के लिए तैयार किया गया था। आयोग ने कहा, “जब आपने पूछा कि “क्या यह अंतिम परिणामों में छेड़छाड़ का प्रयास हो सकता है, तो पोस्ट की सामग्री, संकेतों और आक्षेपों के माध्यम से, चुनाव प्रबंधन की संवेदनशीलता के संबंध में असामंजस्य पैदा करती है। यह मतदाताओं और राजनीतिक दलों के मन में संदेह और संभावित रूप से अराजक स्थिति पैदा कर सकता है, यह आयोग आशा करता है कि आपका ऐसा कोई इरादा नहीं है।”

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

bracunrenra1985 on Home
freefonnatic1971 on Home