लाइव सिटीज, बगहा: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को जिले के प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब दोपहर 12:02 बजे हेलीकॉप्टर से बथना स्थित पीएम राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने उन्हें बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण
बथना पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां बनाए गए हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ आश्रय केंद्र की तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे मच्छरगांवा होते हुए बनकटवा पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ की नाव के जरिए शिवराजपुर समेत बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
नदी और बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने जमीनी स्थिति देखी और स्थानीय स्तर पर लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत और बचाव अभियान की भी उन्होंने समीक्षा की।
गंडक और कोसी के तटबंधों को पक्का करने की तैयारी
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने बताया कि गंडक और कोसी नदी से जुड़े तटबंधों को पक्का करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का कार्य चल रहा है। सर्वे के आधार पर तटबंधों को मजबूत और पक्का करने की योजना तैयार की जाएगी।
बाढ़ प्रभावित उत्तर बिहार में हर साल नदियों के जलस्तर बढ़ने के साथ तटबंधों पर दबाव और कटाव का खतरा सामने आता है। ऐसे में सरकार की ओर से तटबंधों को स्थायी रूप से मजबूत करने की योजना को बाढ़ नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, किन-किन हिस्सों में किस स्तर पर काम होगा, इसका विस्तृत खाका सर्वे पूरा होने के बाद सामने आएगा।
बाढ़ आश्रय केंद्र में पीड़ितों से मिले CM
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बथना स्थित बाढ़ आश्रय केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान राहत सामग्री का भी वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए बथना से लेकर बनकटवा और शिवराजपुर तक प्रशासन तथा पुलिस की टीमों को तैनात रखा गया था। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी बथना पहुंच चुके थे। पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल भी मौके पर मौजूद रहे।
गंडक के बढ़े जलस्तर से प्रशासन अलर्ट
गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण पश्चिम चंपारण समेत उत्तर बिहार के कई इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 सितंबर को भी वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बताया गया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी, तटबंधों की सुरक्षा और रात में गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई पर जोर
सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राहत शिविर और सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता समय पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो।
पश्चिम चंपारण में गंडक के बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीमें भी तटबंधों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही हैं। विभाग के अधिकारियों को बाढ़ निरोधक कार्यों में तेजी लाने और रात के समय भी तटबंधों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब 42 मिनट का रहा दौरा
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री का बथना से लौटने तक का दौरा करीब 42 मिनट का रहा। इस दौरान उन्होंने बथना, बनकटवा और शिवराजपुर क्षेत्र की स्थिति देखी। प्रस्तावित कार्यक्रम में नौतन का दौरा भी शामिल था, लेकिन मुख्यमंत्री वहां नहीं गए।
