लाइव सिटीज, पटना: बिहार में BPSC TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। गर्दनीबाग में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इसी बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने TRE-4 की वैकेंसी और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने TRE-4 के लिए अब कुल 33,274 पदों की अधियाचना BPSC को भेज दी है।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, पहले विभाग की ओर से 32,388 पदों के लिए अधियाचना भेजी गई थी। इसमें कक्षा 1 से 5 तक 3,847, कक्षा 6 से 8 तक 8,563, कक्षा 9 से 10 तक 3,877 और कक्षा 11 से 12 तक 16,108 पद शामिल थे। बाद में अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों की मांगों को देखते हुए अलग-अलग विषयों में 886 पद और बढ़ाए गए।
मंत्री ने कहा कि बढ़े हुए पदों के साथ अब कुल 33,274 रिक्तियों की अंतिम अधियाचना BPSC को भेज दी गई है। शिक्षा विभाग ने आयोग से जल्द से जल्द परीक्षा की तारीख घोषित करने और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कर परिणाम जारी करने का आग्रह किया है।
दो चरणों में परीक्षा पर भी दिया जवाब
TRE-4 की परीक्षा दो चरणों में कराने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी शिक्षा मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि BPSC अपनी परीक्षाओं के मानदंड और प्रक्रिया तय करने के लिए स्वतंत्र एवं सक्षम प्राधिकारी है। सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा को एक चरण के बजाय दो चरणों में कराने का निर्णय लेने का अधिकार BPSC के पास है।मंत्री के अनुसार, NEET-UG 2024 विवाद के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर BPSC ने अपनी परीक्षाओं की प्रक्रिया में बदलाव किया है।
गर्दनीबाग में नहीं, सचिवालय में होगा समस्या का समाधान’
आंदोलन कर रहे छात्रों से शिक्षा मंत्री ने अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर विभाग और सचिवालय आएं। उन्होंने कहा कि उनका दरवाजा छात्रों के लिए हमेशा खुला है और अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करें। मंत्री ने प्रदर्शन को लेकर कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों को बड़ी संख्या में धरना स्थल पर लाते हैं और बाद में वहां से चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई समस्या या शिकायत है तो वह सीधे शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकता है।
छात्रों से तैयारी पर ध्यान देने की अपील
मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों से आंदोलन के बजाय परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले 20 हजार पदों की बात कही थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने उससे आगे बढ़कर 33,274 पदों की वैकेंसी भेजी है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी बिहार के भविष्य के शिक्षक हैं और उनके शिष्य उनका इंतजार कर रहे हैं। इसलिए उन्हें किसी के बहकावे में आने के बजाय परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।
शंकाओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन का दावा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों की समस्याओं और शंकाओं के समाधान के लिए विभाग की ओर से दो टोल-फ्री नंबर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन नंबरों के माध्यम से शिक्षा विभाग के कर्मचारी अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनते हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाया जाता है।मंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर सीधे विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर हैं और जल्द से जल्द आगे की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
