HomeBiharभरत तिवारी के परिवार को जान से मारने की धमकी का आरोप,...

भरत तिवारी के परिवार को जान से मारने की धमकी का आरोप, मां आशा देवी ने पंकज-सरोज त्रिपाठी पर लगाए गंभीर आरोप

लाइव सिटीज, भोजपुर: भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। भरत तिवारी के परिजनों ने अब अपने ही गांव के कुछ लोगों पर धमकी देने और परिवार को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भरत तिवारी की मां आशा देवी की ओर से शाहपुर थाने में दिए गए आवेदन में गांव के रहने वाले पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी का नाम सामने आया है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

मां का आरोप- परिवार और रिश्तेदार को दी गई धमकी

आशा देवी के मुताबिक, भरत तिवारी के मामले को लेकर परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। इसी दौरान परिवार के एक रिश्तेदार के मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से कथित तौर पर धमकी भरे फोन और आपत्तिजनक संदेश आने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि 28 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8:17 बजे भी धमकी दी गई थी। आशा देवी ने अपने परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार के साथ अनहोनी होने पर पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी को जिम्मेदार ठहराया है।

सोशल मीडिया पर भी आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप

आशा देवी की शिकायत में सोशल मीडिया के जरिए परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने की बात भी कही गई है। शिकायत के अनुसार, परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इसके अलावा भरत तिवारी से जुड़े मामले में गवाहों को भी डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

घर में रखे रजिस्टर को लेकर भी विवाद

मामला केवल धमकी तक सीमित नहीं है। भरत तिवारी के परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके घर में रखा एक रजिस्टर गायब हो गया, जिसमें कई लोगों के नाम और पते दर्ज थे। परिजनों ने इस रजिस्टर को लेकर भी पंकज और सरोज त्रिपाठी पर आरोप लगाया है। हालांकि, रजिस्टर वास्तव में किस परिस्थिति में गायब हुआ और इसमें किसकी भूमिका थी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

भरत तिवारी के भाई चंदन और परिवार का भी जिक्र

शिकायत में भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और परिवार के अन्य सदस्यों को कथित तौर पर धमकाए जाने की बात कही गई है। आशा देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि यदि उनके परिवार या रिश्तेदार को किसी तरह का नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की होगी, जिन पर उन्होंने आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू की है।

भरत तिवारी के लिए आंदोलन में आगे रहे थे पंकज और सरोज

इस विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी पहले भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़े नजर आए थे। भरत तिवारी की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर हुए आंदोलनों में दोनों भाइयों की सक्रिय भूमिका बताई गई थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भी पंकज और सरोज त्रिपाठी नेतृत्व की भूमिका में बताए गए थे। उस दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी, उनकी बहन रूबी देवी और भाई चंदन तिवारी भी मौजूद थे।

अब उन्हीं लोगों पर परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

यही वजह है कि ताजा विवाद को लेकर गांव और आसपास के इलाके में चर्चा तेज है। जिन लोगों पर पहले भरत तिवारी के परिवार के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई लड़ने की बात सामने आई थी, अब उन्हीं में से पंकज और सरोज त्रिपाठी पर परिवार की ओर से धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के लिए भी यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप और पुराना संबंध दोनों एक ही घटनाक्रम से जुड़े हुए हैं।

फुफेरे भाई अंशु कुमार चौबे से मारपीट का भी मामला

इसी विवाद के बीच भरत तिवारी के फुफेरे भाई अंशु कुमार चौबे उर्फ लव चौबे के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया। इस घटना को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि अंशु कुमार चौबे को बिलौटी गांव में कुछ लोगों ने घेरकर मारपीट की। घटना का वीडियो भी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। पुलिस ने इस मामले को भी जांच के दायरे में लिया है।

पुलिस ने पंकज और सरोज को नोटिस देकर बुलाया

धमकी और रजिस्टर से जुड़े आरोपों के बाद शाहपुर थाना पुलिस ने पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी को नोटिस जारी कर थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से मिली जानकारी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

त्रिपाठी बंधुओं ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, पंकज और सरोज त्रिपाठी की ओर से इन आरोपों को गलत और निराधार बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनका कहना है कि वे भरत तिवारी के मामले में न्याय की मांग को लेकर परिवार के साथ खड़े रहे थे और आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसलिए अब उन्हीं पर धमकी और अन्य आरोप लगाया जाना उनके लिए भी गंभीर मामला है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

17 जून की घटना के बाद लगातार बदल रहा घटनाक्रम

भरत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में रहा है। उनकी मां आशा देवी की शिकायत पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी। अब परिवार और कथित समर्थकों के बीच पैदा हुआ यह नया विवाद मामले को एक अलग दिशा में ले गया है।

फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य सवाल धमकी दिए जाने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने, रजिस्टर गायब होने और अंशु कुमार चौबे से मारपीट के आरोपों की सच्चाई पता लगाने का है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि इन घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments