लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राहत और मदद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए तीन महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के फैसले पर जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है। किशोर ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसके साथ ही बीजेपी के संगठनात्मक फंड से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की मांग रखी।
नितिन नवीन ने दिए 6.35 लाख रुपये
नितिन नवीन ने 19 सितंबर को अपनी राज्यसभा सांसद के रूप में मिलने वाली तीन महीने की सैलरी, कुल 6.35 लाख रुपये, बिहार मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की थी। इसके अलावा बिहार बीजेपी की ओर से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का योगदान दिया गया।
प्रशांत किशोर ने ‘इमेज बिल्डिंग’ बताया
प्रशांत किशोर ने नितिन नवीन के व्यक्तिगत वेतन दान को लेकर सवाल उठाते हुए इसे ‘इमेज बिल्डिंग एक्सरसाइज’ बताया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत कार्यों को किसी व्यक्ति की सार्वजनिक छवि बनाने के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह प्रशांत किशोर का आरोप और राजनीतिक बयान है, न कि कोई स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य।
BJP के फंड से मदद की मांग
किशोर ने कहा कि नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उन्हें पार्टी के राहत फंड से भी बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता उपलब्ध कराने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के पास 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का फंड है और उसमें से कुछ राशि बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए दी जानी चाहिए। इस राशि को लेकर आंकड़ा किशोर के दावे पर आधारित है।
बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र से भी मांगा जवाब
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताने और राहत के लिए सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने पिछले चुनावी दौर में बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान को लेकर किए गए वादों का भी जिक्र किया।
बिहार में बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित
इस समय बिहार के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 15 जिलों में करीब 49.72 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई और राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं।
राहत राशि को लेकर सियासत तेज
बाढ़ के बीच विभिन्न दलों और नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान की घोषणाएं की जा रही हैं। नितिन नवीन के तीन महीने के वेतन दान और बीजेपी के 51 लाख रुपये के योगदान के बाद प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया ने राहत कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।
