लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस सत्र में मुख्यमंत्री सम्राट सरकार की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सहित तमाम विधायकों के बोलने के बाद अब सदन में सीएम सम्राट चौधरी बोल रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने सदन में तेजस्वी यादव को जबरदस्त हमला बोला है। राजद सुप्रीमो लालू यादव का नाम लेकर सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर जबरदस्त हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि वो किसी पाठशाला से नहीं बल्कि बिहारियों के आशीवार्द से सीएम बने हैं।
तेजस्वी यादव के लालू के पाठशाला वाले तंज पर सम्राट चौधरी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी का बपौती नहीं होता है, तेजस्वी यादव बपौती से बाहर निकले, एक व्यक्ति या परिवार का सत्ता नहीं होता है बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद है इसीलिए आज मैं यहां बैठा हूं नीतीश कुमार जी का, नरेंद्र मोदी जी का, नितिन नवीन जी का, चिराग पासवान जी का, उपेंद्र कुशवाहा जी का, और मांझी जी का सबका आशीर्वाद है तब तो यहां बैठा हूं कोई गलतफहमी में ना रहें।
उन्होंने कहा, ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता है। मैं तो कहता हूं अगर लालू जी का मुझपर अत्याचार नहीं होता तो आज मैं सीएम नहीं होता। नीतीश कुमार की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार का सीएम हो, इससे इनकार नहीं करता हूं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि, कुछ लोगों को लगता है कि कोई किसी की पाठशाला से आता है, लेकिन यह लोकतंत्र है। यहां जनता तय करती है कि कौन नेतृत्व करेगा। मैं आज यहां हूं तो यह बिहार की जनता के आशीर्वाद और नेताओं के सहयोग से संभव हुआ है। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत संघर्ष से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के शासनकाल में उन्हें और उनके परिवार को जेल जाना पड़ा।
