लाइव सिटीज, सारण: जिले में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। परसा विधानसभा क्षेत्र के सिमरहिया में बांध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी फैल गया है। अचानक आई बाढ़ से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई परिवारों के सामने घर-गृहस्थी बचाने के साथ-साथ भोजन, आवागमन और जरूरी सामान की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।
इसी बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव बुधवार को सारण के सोनपुर इलाके में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे।
लोगों से मिले, जमीनी हालात की जानकारी ली
सोनपुर के प्रभावित इलाके में पहुंचकर पप्पू यादव ने बाढ़ की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने स्थानीय लोगों से पूछा कि पानी बढ़ने के बाद उन्हें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और राहत कार्यों की स्थिति कैसी है। लोगों ने उन्हें बाढ़, जलजमाव, आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी।
पप्पू यादव ने कहा कि आपदा के समय प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिलना जरूरी है। उनका कहना था कि बाढ़ की वास्तविक स्थिति का अंदाजा कार्यालय में बैठकर नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के बीच जाकर ही लगाया जा सकता है।
जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता
सोनपुर दौरे के दौरान पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद लोगों के बीच आर्थिक मदद भी बांटी। उनका यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब बाढ़ के कारण कई परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित है।
पप्पू यादव पिछले कुछ दिनों से बिहार के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और अपनी तरफ से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले पटना, हाजीपुर और राघोपुर समेत कई इलाकों में भी उनके बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
बांध टूटने के बाद बढ़ी चुनौती
सिमरहिया में बांध टूटने के बाद पानी के फैलाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के कारण कई जगहों पर सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीणों के लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचना और जरूरी सामान जुटाना मुश्किल हो रहा है।
सारण में इस बाढ़ के दौरान अलग-अलग जगहों पर तटबंधों पर दबाव और टूटने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसके चलते कई गांव प्रभावित हुए हैं।
राहत व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग प्रशासन से लगातार भोजन, पीने का पानी, नाव, चिकित्सा सुविधा और दूसरी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। पप्पू यादव ने भी अपने दौरे के दौरान राहत व्यवस्था को लेकर लोगों से जानकारी ली।
बाढ़ के बीच जनप्रतिनिधियों का प्रभावित इलाकों में पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मौके पर लोगों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी सीधे मिलती है। मुख्यमंत्री ने भी सारण के सोनपुर में राहत शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों के लिए चिकित्सा, भोजन और पशु चारे जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल सिमरहिया बांध टूटने से प्रभावित इलाकों में लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद राहत और बचाव व्यवस्था से जुड़ी है। स्थानीय लोगों को इंतजार है कि पानी की स्थिति सामान्य होने के साथ-साथ प्रशासन की ओर से उन्हें जल्द से जल्द जरूरी सहायता मिले।
