लाइव सिटीज, पटना : बिहार में नाबालिग लड़कियों के साथ शोषण, अभद्र व्यवहार और मारपीट का एक के बाद एक वीडियो वायरल हो रहे हैं. जमुई, समस्तीपुर के बाद अब बांका के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत पर नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना ने झकझोर कर रख दिया है.
वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अधिकारियों पर एक्शन की मांग की है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी और एनकाउंटर से ये घटनाएं नहीं रूकेंगी. अधिकारियो पर एक्शन लिया जाना चाहिए, जिनकी नाक के नीचे ये सब हो रहा है. खुलेआम बदसलूकी करना गंभीरता का विषय है. एक भी घटना हमारे लिए डूब मरने की बात है. अधिकारी आंख मूंदकर रहते हैं.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आगे कहा कि लड़कियों के साथ हो रही घटनाओं का सिलसिला बहुत चिंताजनक और सचमुच शर्मनाक है. हम निश्चित रूप से इन घटनाओं के लिए अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते. हम उचित कार्रवाई किए बिना इन्हें होने नहीं दे सकते.
उन्होंने आगे कहा कि जमुई की घटना के संबंध में स्थानीय सांसद अरुण भारती ने बहुत तत्परता से काम किया. न केवल गिरफ्तारियां हुईं, बल्कि मुठभेड़ भी हुई. इसी तरह, समस्तीपुर की घटना में भी तुरंत गिरफ्तारियां की गईं. हालांकि, मेरा मानना नहीं है कि केवल गिरफ्तारी या मुठभेड़ से ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी. उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी नाक के नीचे ऐसी शर्मनाक हरकतें होती हैं. मेरे लिए यह बहुत चिंता का विषय है कि हमारी सरकार के सत्ता में रहते हुए अपराधी ऐसी हरकतें कर रहे हैं.
चिराग पासवान ने कहा कि उनका मनोबल इतना ऊंचा है कि वे दिन-दहाड़े ऐसी बदसलूकी करने की हिम्मत करते हैं. यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर हम सभी को चिंता होनी चाहिए. मुझे तो निश्चित रूप से चिंता है. मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा की है, और हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमें ऐसे मामलों में ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनानी चाहिए. अगर हमारे कार्यकाल के दौरान बिहार में ऐसी एक भी घटना होती है, तो यह हमारे लिए बहुत शर्म की बात है. ऐसी स्थिति में, जब दोबारा ऐसी घटनाएं होती हैं, तो कार्रवाई केवल आरोपी तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए; उन अधिकारियों पर भी गाज गिरनी चाहिए जो आंखें मूंद लेते हैं और ऐसी हरकतें अपनी नाक के नीचे होने देते हैं. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे असामाजिक तत्वों में कानून का डर पैदा हो. अपने बच्चों को सुरक्षा का एहसास दिलाना हमारी ज़िम्मेदारी है, और हम उस लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं.
