लाइव सिटीज, रोहतास: सोन नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी के बीच रोहतास स्थित इंद्रपुरी बराज से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है। पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए बराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बराज पर पहुंचा 5.16 लाख क्यूसेक पानी
मंगलवार शाम करीब छह बजे इंद्रपुरी बराज पर पानी की उपलब्धता 5,16,520 क्यूसेक दर्ज की गई। बराज के जलस्तर को निर्धारित 355 फीट के आसपास नियंत्रित रखने के लिए सभी गेट खोलकर अतिरिक्त पानी सोन नदी के डाउनस्ट्रीम हिस्से में भेजा जा रहा है।इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी के निचले हिस्सों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कई जलाशयों से लगातार आ रहा पानी
इंद्रपुरी बराज पर दबाव बढ़ने के पीछे सिर्फ स्थानीय बारिश ही नहीं, बल्कि सोन के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाला पानी भी प्रमुख कारण है। कैमूर की पहाड़ियों से आने वाले प्राकृतिक जलस्रोतों के अलावा अलग-अलग जलाशयों और बराज से छोड़ा गया पानी भी सोन नदी के प्रवाह को बढ़ा रहा है।जल संसाधन विभाग के अनुसार रिहंद जलाशय, वाणसागर जलाशय और मुहम्मदगंज स्थित भीम बराज से भी पानी की आवक हो रही है। इन सभी स्रोतों से आने वाले पानी का असर इंद्रपुरी बराज पर दिखाई दे रहा है।
पांच लाख क्यूसेक से ज्यादा डिस्चार्ज होने पर नहरों की आपूर्ति रोकी गई
बराज से सोन नदी में पानी का डिस्चार्ज पांच लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंचने के बाद प्रमुख लिंक नहरों में पानी की आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। विभागीय व्यवस्था के तहत ऐसी स्थिति में बराज पर अतिरिक्त दबाव कम करने और पानी को सुरक्षित रूप से नदी के निचले हिस्से में निकालने को प्राथमिकता दी जाती है।
नदी किनारे जाने से बचने की अपील
जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सोन नदी, नहरों और तेज बहाव वाले स्थानों के पास नहीं जाने की अपील की है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें बराज तथा सोन नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक में बदलाव के अनुसार आगे पानी छोड़े जाने की मात्रा में भी बदलाव किया जा सकता है।
