लाइव सिटीज, पटना: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अनुशासनहीनता के नाम पर बागी निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज को भाजपा ने पार्टी से निकाला था. चुनाव जीतने के बाद उन्हें फिर से बीजेपी में शामिल कराने पर जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सवाल उठाया है.
उमेश कुशवाहा ने कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है, लेकिन जब 15 दिन पहले अनुशासनहीनता के नाम पर निकाल दिया. के लिए निष्कासित कर दिया तो तो फिर कैसे शामिल करा लिया. इसलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए. आखिर इतनी जल्दबाजी में बीजेपी में शामिल करने की क्या जरूरत थी.
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपनी नाराजगी जतायी और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के नेताओं को इस फैसले पर विचार करने की सलाह दी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी किसे शामिल करती है, किसे बाहर करती है, यह पार्टी के अंदर की बात है.
दरअसल, बिहार में 8 सीटों के लिए एमएलसी चुनाव हुए. सारण शिक्षक क्षेत्र से एनडीए समर्थित जदयू से आनंद पुष्कर खड़े थे. तत्कालीन बीजेपी नेता राहुल राज ने भी यहां से चुनाव लड़ने का फैसला लिया. इस फैसले से नाराज होकर बीजेपी ने राहुल राज को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था. इसके बाद राहुल राज ने वहां से निर्दलीय चुनाव लड़े. इस चुनाव में राहुल राज ने जदयू के प्रत्याशी को हरा दिया.
