लाइव सिटीज, पटना: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की विस्तारित प्रदेशस्तरीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को पटना के आईएमए हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राहत कादरी ने की। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों, विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों तथा पार्टी के अलग-अलग मोर्चों, विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों एवं संयोजकों ने हिस्सा लिया।
बैठक में बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन को मजबूत बनाने, आर्थिक चुनौतियों और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद पार्टी की ओर से सांगठनिक, राजनीतिक, आर्थिक और कृषि से संबंधित चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों के माध्यम से पार्टी ने प्रदेश में संगठन का विस्तार करने के साथ-साथ आम जनता, युवाओं, व्यापारियों और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया।
जिला से पंचायत स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठक में पारित सांगठनिक प्रस्ताव के तहत पार्टी को जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए सदस्यता अभियान को और तेज करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्रदेश और जिला इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल एवं समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया, ताकि पार्टी की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाया जा सके।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
राजनीतिक प्रस्ताव में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को प्रमुखता दी गई। पार्टी ने सामाजिक न्याय, नागरिक अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीतिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही गई।
महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय उद्योगों को लेकर चिंता
आर्थिक प्रस्ताव के तहत महंगाई और बेरोजगारी को गंभीर मुद्दा बताया गया। बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने और बिहार में स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इसके अलावा लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, ताकि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
किसानों की समस्याओं और कृषि व्यवस्था पर विशेष चर्चा
कृषि संबंधी प्रस्ताव में किसानों को खेती की बढ़ती लागत से राहत दिलाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी ने खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने तथा किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई। पार्टी का मानना है कि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार और कृषि व्यवस्था को बेहतर बनाए बिना ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास संभव नहीं है।
एनडीए खुद अराजक, फिर अराजकता खत्म करने की बात कर रही है : राहत कादरी
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राहत कादरी ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एनडीए खुद अराजक है और अराजकता खत्म करने की बात कर रही है। देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे युवाओं, छात्रों और विपक्षी पार्टियों पर लाठीचार्ज और गोली चलाकर केंद्र की सरकार लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है।
राहत कादरी ने बिहार की सम्राट सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। महिलाएं और युवतियां सुरक्षित नहीं हैं। व्यापारी वर्ग भयभीत है। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा हालात चिंताजनक हैं और सरकार को कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
बैठक में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
इस विस्तारित प्रदेशस्तरीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रदेव दास, जितेंद्र पासवान, राजेश यादव, शाहनवाज आलम, जयप्रकाश यादव, असलम आजाद और धर्मेंद्र पासवान सहित कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और पारित चारों प्रस्तावों को जमीन पर लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई।
