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कोटा में NEET की तैयारी कर रहे बिहार के छात्र की संदिग्ध मौत, हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश मिला गौतम कुमार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। बिहार के दरभंगा निवासी 19 वर्षीय गौतम कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह हॉस्टल के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मामले में हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही की आशंका जताई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बाथरूम में बेहोश मिला छात्र, अस्पताल में तोड़ा दम

राजस्थान के कोटा में नीट (NEET) की तैयारी कर रहे बिहार के छात्र गौतम कुमार की मौत का मामला सामने आया है। गौतम दरभंगा जिले का रहने वाला था और पिछले करीब दो वर्षों से कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में स्थित श्रीजी रेजिडेंसी हॉस्टल में रहता था।

मिली जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर को गौतम खाना लेकर हॉस्टल लौटा था। इसके बाद जब उसके कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और दरवाजा खटखटाने पर भी उसने जवाब नहीं दिया, तो उसकी तलाश की गई। बाद में हॉस्टल प्रबंधन को सूचना दी गई। दरवाजा खोले जाने पर गौतम बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला।

उसे तत्काल एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 25 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

कान के पास चोट का निशान, मौत की वजह स्पष्ट नहीं

छात्र की मौत के मामले में एक अहम बात सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसके कान के पास चोट का मामूली निशान देखा गया था। हालांकि, यह चोट कैसे लगी और इसका मौत से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभी तक किसी संभावित कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर उठाए सवाल

गौतम की मौत के बाद उसके परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। परिवार का आरोप है कि हॉस्टल और कोचिंग संस्थान की ओर से जिम्मेदारी नहीं ली जा रही है। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन की ओर से समय पर ध्यान नहीं दिए जाने की आशंका भी व्यक्त की है।

परिवार के एक सदस्य अखिलेश के अनुसार, गौतम की पढ़ाई ठीक चल रही थी और परिवार को उसके ऊपर पढ़ाई से जुड़े किसी विशेष तनाव की जानकारी नहीं थी। परिजनों ने सवाल उठाया है कि छात्र की तबीयत बिगड़ने या उसके कमरे से बाहर नहीं आने की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली।

हालांकि, ये परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौतम किन परिस्थितियों में बाथरूम में बेहोश हुआ था और उसकी मौत की असल वजह क्या थी। हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

गौतम की मौत से उसके परिवार में शोक है। वहीं, इस घटना ने कोटा में दूसरे राज्यों से आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और हॉस्टल प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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