लाइव सिटीज, पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह के नौ लोगों की हत्या से जुड़े बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। 16 अक्टूबर को दिए गए बयान में अनंत सिंह ने दावा किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार के राजनीतिक संघर्ष के दौरान उनके लिए नौ लोगों की हत्या करवाई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। उनके मुताबिक, लालू प्रसाद यादव की सरकार के दौरान नीतीश कुमार का साथ देने के कारण उनके नौ लोगों की हत्या कराई गई थी।
इस पूरे मामले पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और पार्टी के नेता राजीव रंजन की प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक जीवन और उनकी छवि का उल्लेख करते हुए अनंत सिंह के बयान से दूरी बनाने का संकेत दिया है।जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनंत सिंह का बयान भी सामने आया है और उसके बाद उनकी सफाई भी आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पार्टी के संज्ञान में सभी बातें हैं और नेतृत्व पूरे मामले से अवगत है।
जेडीयू नेता राजीव रंजन ने बिना अनंत सिंह का नाम लिए नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन और उनकी कार्यशैली का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सार्वजनिक जीवन लगभग 50 वर्षों का रहा है और इस दौरान उन्होंने राजनीति में शुचिता तथा अपराध के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया है।
राजीव रंजन के मुताबिक, नीतीश कुमार का जीवन प्रेरणा देने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि कौन क्या कहता है और किस तरह की बातें करता है, पार्टी न तो उसका संज्ञान लेना जरूरी समझती है और न ही हर बयान का जवाब देना उचित मानती है।उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में हत्या, अपराध, हिंसा और नकारात्मक राजनीति को अपने करीब नहीं आने दिया। पार्टी नेतृत्व सभी बातों से अवगत रहता है और समय के अनुसार उचित निर्णय लेता है।
विवाद बढ़ने के बाद अनंत सिंह ने अपने बयान का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया। उनके मुताबिक, जब वह नीतीश कुमार के साथ आए थे, तब लालू प्रसाद यादव की सरकार के दौरान उनके नौ लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान उन्हें भी गोली लगी थी और उनके पिता की मौत सदमे के बाद दिल का दौरा पड़ने से हुई।
अनंत सिंह ने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों और कुर्बानियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार का लंबे समय तक साथ दिया। इस तरह उनकी सफाई पहले दिए गए उस बयान से अलग थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए नौ लोगों की हत्या करवाई।
