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दुर्गा पूजा पर पटना में सुरक्षा की खास तैयारी, अग्निशमन विभाग ने 80 संवेदनशील पंडाल किए चिह्नित

लाइव सिटीज, पटना: पटना में दुर्गा पूजा के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के 80 संवेदनशील पूजा पंडालों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही पूजा समितियों से जुड़े वॉलंटियर्स को आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग सतर्क

दुर्गा पूजा के दौरान पटना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडालों में पहुंचते हैं। कई जगहों पर आकर्षक सजावट, बिजली की रोशनी और अस्थायी संरचनाओं के कारण आग लगने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अग्निशमन विभाग किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए सतर्कता बरत रहा है।पंडालों में सुरक्षा के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पूजा के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील पंडालों की पहचान करने का उद्देश्य जोखिम वाले स्थानों पर पहले से तैयारी रखना और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से शुरू करना है।

80 संवेदनशील पंडालों पर विशेष नजर

पटना में 80 पूजा पंडालों को संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया गया है। इन पंडालों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पूजा के समय भीड़ बढ़ने के साथ आग लगने या भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है।

अग्निशमन विभाग की तैयारी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में आग पर जल्द काबू पाया जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में देरी न हो। पंडालों में अग्नि सुरक्षा के उपायों का पालन करना भी इस तैयारी का अहम हिस्सा है।

वॉलंटियर्स को दिया जा रहा प्रशिक्षण

पूजा पंडालों में तैनात रहने वाले वॉलंटियर्स को आग से बचाव के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। उन्हें आपात स्थिति में किस तरह प्रतिक्रिया देनी है, अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल कैसे करना है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में किस प्रकार मदद करनी है, इस तरह की बुनियादी जानकारी देना महत्वपूर्ण है।

प्रशिक्षित वॉलंटियर्स किसी घटना के शुरुआती समय में लोगों को सतर्क करने और अफरा-तफरी रोकने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, आग लगने की स्थिति में उन्हें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए अग्निशमन कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बिजली और सजावट में सावधानी जरूरी

दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली की झालरें, अस्थायी वायरिंग, कपड़े और दूसरी सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। लापरवाही होने पर शॉर्ट सर्किट या आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आयोजकों को बिजली के कनेक्शन, तारों और अन्य उपकरणों की जांच कराने के साथ सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

पंडालों में आने-जाने के रास्ते खुले रखना, आग बुझाने वाले उपकरण उपलब्ध रखना और आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों को बाधामुक्त रखना भी जरूरी है। श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन और अग्निशमन विभाग के सामने बड़ी भीड़ को सुरक्षित रखने की चुनौती रहती है। ऐसे में संवेदनशील पंडालों की पहचान और वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण देने की पहल को सुरक्षा तैयारियों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

विभाग की तैयारियों का उद्देश्य पूजा का आयोजन सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना और आग से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम करना है। श्रद्धालुओं और पूजा समितियों की सतर्कता भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी।

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