लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ और भारी बारिश से फसल बर्बाद होने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में 112.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में आई बाढ़ और अतिवृष्टि से फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में जिन पात्र किसानों को राशि नहीं मिली है, उन्हें भी अगले चरण में सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
4.57 लाख किसानों ने किया था आवेदन
पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में अनुदान की राशि भेजी। कार्यक्रम में दी गई जानकारी के मुताबिक, कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया था। इनमें से पहले चरण में 2,48,704 प्रभावित किसानों के खाते में 112.52 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
यह सहायता उन किसानों के लिए है जिनकी फसलों को अगस्त के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से नुकसान पहुंचा था। सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती दोबारा शुरू करने और कृषि संबंधी जरूरी खर्चों को पूरा करने में आर्थिक मदद देना है।
बाकी किसानों को कब मिलेगी राशि?
जिन किसानों ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन किया है, लेकिन उनके खाते में अभी तक पैसा नहीं आया है, उन्हें फिलहाल अगले चरण का इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा के बाद 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया जाए। इसके जरिए बाढ़ और बारिश से फसल नुकसान झेलने वाले छूटे हुए किसानों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कोई भी पात्र किसान अनुदान से वंचित नहीं रहना चाहिए। ऐसे में जिन किसानों को पहली बार में राशि नहीं मिली है, उनके आवेदन और पात्रता की जांच के बाद अगले चरण में भुगतान किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, प्रत्येक किसान के खाते में पैसा पहुंचने की अलग-अलग तारीख की पुष्टि नहीं की गई है।
किसानों को कितना मिलता है कृषि इनपुट अनुदान?
बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षति के प्रकार और खेती की स्थिति के अनुसार सहायता दी जाती है। निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:
असिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
बारहमासी फसल: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी किसानों को एक समान राशि नहीं मिलती है। सहायता की वास्तविक रकम प्रभावित क्षेत्र, फसल के नुकसान और योजना के नियमों के आधार पर तय होती है।
खाते में पैसा आया या नहीं, ऐसे करें जांच
अगर आपने कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन किया है, तो अपने भुगतान की स्थिति जानने के लिए बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
कृषि विभाग की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in खोलें।
कृषि इनपुट अनुदान योजना से संबंधित विकल्प तलाशें।
आवेदन की स्थिति या भुगतान की जानकारी देखने के लिए उपलब्ध विकल्प चुनें।मांगी गई आवेदन संबंधी जानकारी दर्ज करें और स्क्रीन पर दिखाई जा रही स्थिति देखें।
