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बिहार में SIR के खिलाफ महागठबंधन का आक्रोश मार्च, पटना में PM-गृह मंत्री और CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

लाइव सिटीज, पटना: पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर बुधवार को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के विरोध में महागठबंधन से जुड़े दलों ने प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में आरजेडी, सीपीआईएमएल, सीपीआई समेत महागठबंधन के विभिन्न दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और SIR की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आम मतदाताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से SIR की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका बनी हुई है।

महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर होता है तो इससे उसके मतदान के अधिकार पर सीधा असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने खास तौर पर गरीब, दलित और वंचित वर्ग के लोगों को लेकर चिंता जताई।

गरीब और वंचित मतदाताओं के अधिकार का मुद्दा

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न हो। उनका आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में दस्तावेज और सत्यापन से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण कमजोर आर्थिक और सामाजिक वर्ग के लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो और पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में सूची से बाहर न किए जाएं।

चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव का असर सीधे लोकतांत्रिक अधिकारों पर पड़ता है।

इनकम टैक्स गोलंबर पर प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में संभावित नाम हटाए जाने की आशंका और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विरोध रहा।

महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने SIR के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

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