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पटना में आज दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बजेगा सायरन, 3 KM तक सुनाई देगी आवाज 

लाइव सिटीज, पटना: : राजधानी में दोपहर के समय अचानक आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दे सकती है। सायरन की आवाज सुनकर लोगों को घबराने या किसी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक यह सायरन किसी वास्तविक आपदा या खतरे के कारण नहीं, बल्कि नई आपातकालीन सायरन प्रणाली के तकनीकी परीक्षण के लिए बजाया जाएगा।

1 बजे से 2 बजे के बीच बजेगा सायरन

नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में लगाए गए आपातकालीन सायरन का परीक्षण दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच किया जाएगा। यह परीक्षण न्यू पुनाईचक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय, आपदा प्रबंधन विभाग के परिसर में होगा। इस दौरान सायरन की अलग-अलग आवाजों का परीक्षण किया जाएगा।

परीक्षण के दौरान चेतावनी (Warning) और ऑल-क्लियर (All Clear) सिग्नल भी बजाए जाएंगे। यानी लोगों को सायरन की अलग-अलग आवाजें सुनाई दे सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी आवाज करीब 2 से 3 किलोमीटर के दायरे तक सुनाई दे सकती है।

क्यों बजाया जा रहा है सायरन?

दरअसल, राजधानी पटना में एक नई और आधुनिक आपातकालीन सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य किसी वास्तविक आपदा या आपात स्थिति में कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक चेतावनी पहुंचाना है।

इसी सिस्टम को इस्तेमाल में लाने से पहले उसकी तकनीकी क्षमता और अलग-अलग सिग्नल की जांच की जा रही है। मंगलवार को होने वाला परीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

सायरन का मतलब हमला या आपदा नहीं

आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आज बजने वाले सायरन का किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आग, बाढ़, भूकंप या किसी अन्य आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है। यह केवल तकनीकी परीक्षण है।

इसलिए अगर दोपहर में अचानक सायरन की तेज आवाज सुनाई दे तो लोगों को अपने स्तर पर कोई आपातकालीन कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।

बिजली बंद करने या घर छोड़ने की जरूरत नहीं

इस परीक्षण के दौरान आम लोगों को बिजली बंद करने, घर की लाइट बुझाने या किसी दूसरी विशेष गतिविधि करने की आवश्यकता नहीं है। यह मई 2026 में हुए हवाई हमले और ब्लैकआउट वाले मॉक ड्रिल से अलग है। आज का कार्यक्रम सिर्फ सायरन सिस्टम की तकनीकी जांच है।

आगे पटना के दूसरे हिस्सों में भी लगाए जा सकते हैं सायरन

यह परीक्षण सफल रहने के बाद पटना सहित बिहार के दूसरे प्रमुख शहरों में भी ऐसी आपातकालीन सायरन व्यवस्था स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़ी आपदा या आपात स्थिति के दौरान लोगों को तेजी से चेतावनी देना है।

नए सिस्टम में 8 से 9 तरह की अलग-अलग आवाजें निकालने की क्षमता बताई गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर सायरन सिस्टम के जरिए संबंधित सूचना या आदेश भी लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

लोगों से विभाग की अपील

आपदा प्रबंधन विभाग और नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आम लोगों से अपील की है कि आज दोपहर 1 से 2 बजे के बीच सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं। सोशल मीडिया या आसपास से मिलने वाली किसी अफवाह पर भरोसा न करें। यह सिर्फ तकनीकी परीक्षण है और इसका किसी वास्तविक खतरे से कोई लेना-देना नहीं है।

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