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सहरसा के शिक्षा विभाग के DPO अजीत अमर सस्पेंड, आय से 72% ज्यादा संपत्ति का आरोप; EOU की छापेमारी में कई खुलासे

लाइव सिटीज, सहरसा: बिहार के शिक्षा विभाग में पदस्थ एक अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सहरसा में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पद पर तैनात अजीत अमर को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में उन पर ज्ञात आय के स्रोत से करीब 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप सामने आया है। इसी मामले में EOU ने अगस्त 2026 में केस दर्ज कर उनके चार ठिकानों पर छापेमारी की थी।

29 सितंबर को जारी हुआ निलंबन आदेश

शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन की ओर से 29 सितंबर को अजीत अमर के निलंबन का आदेश जारी किया गया। आदेश में EOU के डीआईजी की ओर से 7 अगस्त को दी गई जानकारी का उल्लेख है। इसके अनुसार, अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था और इसके बाद उनके अलग-अलग ठिकानों की तलाशी ली गई।

करीब साढ़े चार साल की नौकरी में जुटाई संपत्ति

जांच एजेंसी के मुताबिक अजीत अमर फरवरी 2022 में सरकारी सेवा में आए थे। लगभग साढ़े चार साल की सेवा के दौरान उन्हें वेतन के रूप में करीब 38 लाख रुपये मिले। जांच के दौरान उनकी आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आने का दावा किया गया है।EOU की कार्रवाई में सीवान, सारण और सहरसा से जुड़ी कई संपत्तियों और खरीदारी के दस्तावेज सामने आए। इनमें जमीन, मकान, आभूषण और वाहन से संबंधित जानकारी शामिल है।

पत्नी के नाम पर जमीन खरीदने का भी आरोप

जांच में सामने आया कि अजीत अमर ने अपनी पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण जिले के एकमा में जमीन खरीदी। दस्तावेजों में करीब 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर यानी 481.36 डिसमिल जमीन की खरीद का उल्लेख है। कागजात में इसकी कीमत करीब 41.50 लाख रुपये दर्ज है, जबकि जांच एजेंसी को इससे अधिक भुगतान से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात कही गई है।

40 लाख से ज्यादा के आभूषण मिले

EOU की तलाशी के दौरान उनके निजी आवास से करीब 40.05 लाख रुपये मूल्य के आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 27 लाख रुपये के आभूषण खरीदे जाने से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं।

50 लाख से अधिक के मकान और महंगी गाड़ियां

जांच के मुताबिक अजीत अमर ने सीवान में अपनी पैतृक जमीन पर 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से मकान का निर्माण कराया। इसके अलावा उनके नाम से महिंद्रा स्कॉर्पियो और यामाहा एफएच बाइक खरीदने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

चार ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

EOU ने अजीत अमर से जुड़े चार स्थानों पर तलाशी ली थी। इनमें सीवान के दारौंदा थाना क्षेत्र के रैनी स्थित पैतृक आवास, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का मकान, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय और छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल थे।

अजीत अमर की सारण में डीपीओ (योजना एवं लेखा) के पद पर प्रतिनियुक्ति भी हुई थी। इसी दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए थे। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद उन्हें दोबारा सहरसा भेजे जाने की बात भी सामने आई है। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबन के साथ आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है

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