लाइव सिटीज, पटना: बिहार की ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों से जुड़ी योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1850 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर उपलब्ध कराई गई है। राशि को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग ने इसके इस्तेमाल का पूरा ब्योरा स्पष्ट किया है।
विभाग के मुताबिक, 1850 करोड़ रुपये केवल पंचायतों में निर्माण कार्य कराने के लिए एकमुश्त राशि नहीं है। इसमें पंचायत स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के भत्ते, पेयजल योजनाओं के रखरखाव और पंचायत सरकार भवनों समेत कई मद शामिल हैं।
पंचायत कर्मियों के मानदेय पर 221.71 करोड़
जारी राशि में 221.71 करोड़ रुपये संविदा पर कार्यरत पंचायत स्तर के कर्मचारियों के मानदेय के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसमें पंचायत कार्यपालक सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखापाल-सह-आईटी सहायक जैसे पदों पर काम करने वाले कर्मियों का भुगतान शामिल है।
जनप्रतिनिधियों के भत्ते के लिए 319.96 करोड़
त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मिलने वाले मासिक भत्ते के लिए 319.96 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यानी कुल राशि का एक हिस्सा पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े नियमित भुगतान पर भी खर्च होगा।
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के रखरखाव पर 214.37 करोड़
गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के रखरखाव के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को 214.37 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पहले से स्थापित पेयजल ढांचे को चालू रखने और उससे जुड़ी आवश्यक देखरेख को पूरा करना है।
पंचायत सरकार भवनों के लिए 500 करोड़
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के लिए कुल 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें भवन निर्माण विभाग को 300 करोड़ रुपये और स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।पंचायत सरकार भवनों का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक कामकाज के लिए एक व्यवस्थित आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना है।
श्मशान और मोक्षधाम के निर्माण पर 402.45 करोड़
गांवों में अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं के विकास के लिए भी इस राशि में बड़ा प्रावधान है। मोक्षधाम, श्मशान घाट और मुक्तिधाम के निर्माण के लिए 402.45 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इन सुविधाओं के निर्माण और विकास से जुड़े काम कराए जाएंगे।
191.50 करोड़ रुपये अभी शेष
विभाग के मुताबिक, विभिन्न मदों में राशि निर्धारित करने के बाद करीब 191.50 करोड़ रुपये शेष हैं। इस राशि को वित्त विभाग की सहमति के बाद अगली किस्त के साथ पंचायतों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया होगी।
16वें वित्त आयोग की राशि का भी इंतजार
पंचायती राज विभाग ने यह भी बताया है कि छठे राज्य वित्त आयोग की शेष राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली राशि को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मांग भेजी गई है। केंद्र से राशि जारी होने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
क्या है 1850 करोड़ का पूरा हिसाब?
- 221.71 करोड़ रुपये — पंचायत स्तर के संविदाकर्मियों का मानदेय
- 319.96 करोड़ रुपये — पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते
- 214.37 करोड़ रुपये — ग्रामीण पेयजल योजनाओं के रखरखाव के लिए
- 300 करोड़ रुपये — पंचायत सरकार भवनों के लिए, भवन निर्माण विभाग
- 200 करोड़ रुपये — पंचायत सरकार भवनों के लिए, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन
- 402.45 करोड़ रुपये — मोक्षधाम, श्मशान घाट और मुक्तिधाम के निर्माण के लिए
- 191.50 करोड़ रुपये — शेष राशि, जिसे आगे की प्रक्रिया के बाद जारी किया जाना है
इस तरह 1850 करोड़ रुपये की राशि को अलग-अलग प्रशासनिक, रखरखाव और ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े मदों में इस्तेमाल किया जाना है। विभाग की ओर से जारी विवरण का उद्देश्य राशि के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट करना है। बिहार के आधिकारिक ई-पंचायत पोर्टल पर भी पंचायत स्तर के प्राप्ति और व्यय से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है।
